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स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ेगी सरकार :: गृह मंत्रालय के शिक्षा संबंधी आंकड़ों के मुताबिक, यूपी के साढ़े तीन करोड़ बच्चे नहीं जाते स्कूल

लखनऊ ()। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने स्कूल न जाने वाले बच्चों को लेकर निर्देश दिए हैं कि उन्हें मुख्य धारा से जोड़ कर शिक्षा दी जाए। उन्होंने शिक्षकों के माध्यम से कराये गये हाउस होल्ड सर्वे का डाटा संकलित कर चिन्हित आउट ऑफ स्कूल बच्चों का नामांकन कराकर उन्हें विशेष प्रशिक्षण प्रदान किये जाने के निर्देश दिये। इसके पहले हाल ही में केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की थी। इसके अनुसार यूपी के साढ़े तीन करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं।
मुख्य सचिव ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की रिपोर्ट आने के बाद स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऐसे बच्चों को स्कूल भेजना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पेयजल विहीन एवं शौचालय विहीन समस्त प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था कराया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों को आवश्यकतानुसार फिजियोथेरेपी दी जाएगी। इसके लिए इसी साल अक्टूबर माह से मेडिकल एसेसमेंट कैम्पों का आयोजन कराया जाएगा। उन्होंने जिन जनपदों में विद्यालयों के निर्माण हेतु मानक के अनुसार भूमि उपलब्ध नहीं है, उन जनपदों के जिलाधिकारियों से भूमि अनुपलब्धता प्रमाण-पत्र प्राप्त कर बस्तियों के बच्चों के पठन-पाठन हेतु उचित वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाये।
मुख्य सचिव मंगलवार को शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में सर्व शिक्षा अभियान की कार्यकारी समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न जनपदों के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भवन निर्माण तथा ट्रेनिंग हॉल आदि के निर्माण हेतु 2284.7784 लाख रुपए के समिति द्वारा प्रस्तुत किये गये प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करते हुये इन निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ कराने के निर्देश दिये। प्रस्ताव में जनपद वाराणसी, बलरामपुर, सुल्तानपुर, गोण्डा एवं रायबरेली में 303 प्राथमिक विद्यालयों के भवनों के निर्माण हेतु 1944.61 लाख रुपये की तथा जनपद वाराणसी एवं रायबरेली में 21 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भवनों के निर्माण हेतु 235.8504 लाख रुपये की धनराशि शामिल है। बैठक में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डिम्पल वर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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