सर्वदलीय बैठक : सरकार ने विपक्ष से की सहयोग की अपील, महत्वपूर्ण विधेयकों पर सार्थक चर्चा का आग्रह

नई दिल्ली, 19 जुलाई । संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले रविवार को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक आयोजित कर सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से संचालित करने में सहयोग देने की अपील की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकार ने विपक्ष से आगामी महत्वपूर्ण विधेयकों पर रचनात्मक और सार्थक चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया।
बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने अलग गुट बनाकर कार्य कर रहे कुछ सदस्यों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किए जाने पर आपत्ति जताई। विरोध स्वरूप विपक्ष के कुछ नेताओं ने कुछ समय के लिए सांकेतिक बहिर्गमन किया, हालांकि बाद में वे बैठक में लौट आए और चर्चा में शामिल हुए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा बुलाई गई इस बैठक में केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा, संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल, डॉ. एल. मुरुगन सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। बैठक में 40 राजनीतिक दलों के 58 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
संसदीय कार्य मंत्रालय के अनुसार बैठक की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रारंभिक संबोधन से हुई, जिसके बाद किरेन रिजिजू ने कार्यवाही का संचालन किया। समापन के अवसर पर राजनाथ सिंह ने सभी दलों के नेताओं को उनकी उपस्थिति, सुझावों और सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया।
बैठक में रिजिजू ने सभी दलों से संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चलाने में सहयोग देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार संसदीय नियमों के तहत उठाए जाने वाले सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष से अपेक्षा करती है कि वह विधायी कार्यों में रचनात्मक भूमिका निभाए।
मंत्रालय के अनुसार विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने मानसून सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों, अपनी प्राथमिकताओं और चिंताओं से सरकार को अवगत कराया। सरकार ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनने और उन पर उचित विचार करने का भरोसा दिया।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार आगामी सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश करने जा रही है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि इन विधेयकों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा में भाग लेकर उन्हें पारित कराने में सहयोग करे।
रिजिजू ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक राजनीतिक दल को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उनका कहना था कि केवल हंगामा करने या चर्चा से दूरी बनाने से किसी भी दल को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता। यदि सदन व्यवस्थित ढंग से चलेगा तो छोटे-बड़े सभी दलों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सर्वदलीय बैठक में विभिन्न दलों के अलग-अलग विचार सामने आना लोकतंत्र की स्वाभाविक प्रक्रिया है। सरकार ने सभी पक्षों की बात ध्यानपूर्वक सुनी है और उनके सुझावों पर समुचित विचार किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि संसद का मानसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई से प्रारंभ होगा और सरकारी कार्यों की आवश्यकता के अनुसार 13 अगस्त तक चल सकता है। 25 दिनों की अवधि वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। सरकार इस दौरान महत्वपूर्ण विधेयकों के साथ-साथ राष्ट्रीय और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा कराने की तैयारी में है।



