14 राज्यों में अलर्ट: कहीं 70km की रफ्तार से आंधी-बारिश तो कहीं बिजली का तांडव, जानें अपने शहर का हाल

IMD weather alert 25 June: देश के लोगों को इस समय मौसम के कई रूप एक साथ देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ मॉनसून तेजी से नए इलाकों में पहुंच रहा है तो दूसरी तरफ कुछ क्षेत्रों में अभी भी गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जून के लिए 14 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटों में मॉनसून ने महाराष्ट्र के शेष हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लिया है। इसके साथ ही गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के नए क्षेत्रों में भी इसकी पहुंच बढ़ी है। मॉनसून की वर्तमान उत्तरी सीमा दहानू, वर्धा, रायपुर, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है।
दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों को मिलेगी गर्मी से राहत
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए आज मौसम राहत लेकर आ सकता है। राजस्थान के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण के कारण इन क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में कमी आएगी और उमस से राहत मिलेगी।
हालांकि लोगों को सलाह दी गई है कि तेज आंधी के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
बिहार और मध्य भारत में बिजली गिरने का खतरा ज्यादा
आज सबसे अधिक सतर्क रहने की जरूरत बिहार, झारखंड और मध्य भारत के कई हिस्सों में है। मौसम विशेषज्ञों ने इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं की आशंका जताई है।
बिहार में भारी बारिश के साथ लगभग 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं। झारखंड में भी गरज-चमक और तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र मौसम को और प्रभावशाली बना रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज हवाएं चल सकती हैं जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में लगातार भारी बारिश होने का अनुमान है।
बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मॉनसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों तक यहां लगातार भारी वर्षा हो सकती है।
ओडिशा के कई इलाकों में भी रात तक तेज बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मुंबई, गोवा और तटीय कर्नाटक में बढ़ सकती हैं दिक्कतें
पश्चिमी तट पर रहने वाले लोगों के लिए बारिश अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद आज भी हालात आसान रहने की उम्मीद नहीं है।
कंफर्म, RAC या वेटिंग टिकट? जानें किस पर कितना कटता है चार्ज और कैसे आता है कैंसिल का रिफंड
मुंबई, नॉर्थ कोंकण और गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार वर्षा के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है।
तटीय कर्नाटक में समुद्र से आने वाली तेज नमी भरी हवाओं के कारण बारिश का असर और अधिक दिखाई देगा। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश और मराठवाड़ा में भी बारिश जारी रहने के संकेत हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन की चिंता
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार बारिश लोगों की चिंता बढ़ा रही है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 27 और 28 जून को उप-हिमालयी क्षेत्रों में 21 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज हो सकती है। इससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। वहीं असम के मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति भी गंभीर हो सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में अभी जारी रहेगा गर्मी का असर
जहां देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और तूफान का असर दिख रहा है वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश का मौसम अलग तस्वीर पेश कर रहा है।
यहां अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। कुछ इलाकों में आज भी लू चल सकती है। रात के समय भी लोगों को गर्म मौसम का सामना करना पड़ सकता है।
अच्छी खबर यह है कि अगले 48 से 72 घंटों में मॉनसून तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है। इसके बाद उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों और उत्तराखंड में भी मॉनसून पूरी तरह पहुंच जाएगा। जून के अंतिम सप्ताहांत तक यहां अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। मुंबई, बिहार, ओडिशा और तटीय कर्नाटक जैसे इलाकों में सड़कों पर जलभराव के कारण ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है।
गरज-चमक के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का कम इस्तेमाल करें। बिजली कड़कने के समय खुले मैदानों से दूर रहें और सुरक्षित भवनों में शरण लें। मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखना इस समय सबसे जरूरी है।



