भारत को दुनिया की सबसे पावरफुल चिप मिली, अश्विनी वैष्णव ने किया अनाउंसमेंट

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन ने आज एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। अमेरिकी चिपमेकर क्वालकॉम ने भारत में डेवलप की गई अपनी पहली 2 नैनोमीटर सेमीकंडक्टर चिप का ‘टेप-आउट’ सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु में क्वालकॉम के सेंटर का दौरा किया और भारत की तकनीकी तरक्की की तारीफ की।

‘टेप-आउट’ और 2 नैनोमीटर चिप क्या है?

‘टेप-आउट’ चिप डिजाइन प्रोसेस का आखिरी स्टेज है, जिसके बाद इसे असल प्रोडक्शन के लिए भेजा जाता है। यह 2 नैनोमीटर चिप दुनिया की सबसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में से एक है। इस छोटी सी चिप में करीब 20 से 30 बिलियन ट्रांजिस्टर लगे होते हैं।

यह भारत के लिए क्यों ज़रूरी है?

स्वदेशी डिजाइन: यह चिप पूरी तरह से क्वालकॉम के बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद में भारतीय इंजीनियरों द्वारा डिजाइन की गई है। इस चिप का इस्तेमाल AI कंप्यूटर, स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल, ट्रेन, एयरक्राफ्ट और यहां तक ​​कि स्पेस में सैटेलाइट में भी किया जाएगा।

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बैक-ऑफिस से डिज़ाइन हब तक

मंत्री वैष्णव ने कहा, “भारत अब सिर्फ़ एक असेंबली हब नहीं रहा, बल्कि कोर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी क्रिएशन में ग्लोबल लीडर बन रहा है।” इसी इवेंट में, अश्विनी वैष्णव ने ‘सेमीकॉन 2.0’ का रोडमैप भी पेश किया। भारत ने पिछले चार सालों में 67,000 सेमीकंडक्टर इंजीनियरों को ट्रेनिंग दी है, जो दुनिया के 1 मिलियन टैलेंट गैप को भरने के लिए तैयार हैं।

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