दूध बेचने वाले पिता की बेटी बनीं IAS अधिकारी, जानें संघर्ष की कहानी

ias officer anuradha pal: एक गरीब परिवार में जन्मी अनुराधा पाल के सपने बड़े थे। कोचिंग के लिए पैसे नहीं थे, फिर भी उन्होंने कड़ी मेहनत की। उनके पिता दूध बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे।
उत्तराखंड की रहने वाली अनुराधा ने दिखा दिया है कि कड़ी मेहनत से असंभव काम भी मुमकिन हो सकते हैं। निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के साथ, उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और दो बार परीक्षा पास करके 62वीं रैंक हासिल की।
हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर दृढ़ निश्चय हो, तो व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। अनुराधा एक बेहद साधारण ग्रामीण परिवार से आती हैं।
आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा
बचपन में उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। उनके पिता परिवार का पालन-पोषण करने के लिए दूध बेचते थे। आगे की पढ़ाई के लिए, उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय, हरिद्वार में दाखिला लिया।
पारिवारिक परिस्थिति के कारण उन्होंने एक जगह नौकरी की। कुछ वक्त उपरांत उन्हें एहसास हुआ कि UPSC परीक्षा ही उनका असली लक्ष्य है। उन्होंने नौकरी छोड़ दी और UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।
इस दौरान, अनुराधा रुड़की के एक कॉलेज में लेक्चरर के रूप में काम करने लगीं। इससे मिलने वाले पैसों से उन्होंने अपनी कोचिंग की फीस भरी। परिस्थितियाँ कठिन थीं, मगर उन्होंने हार नहीं मानी।
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फिर अनुराधा ने परीक्षा दी और पास हो गईं। उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। वह दिल्ली गईं और UPSC की तैयारी के लिए एक अकादमी में दाखिला लिया।
हासिल की 62वीं रैंक
अनुराधा ने अपने दूसरे प्रयास में UPSC एग्जाम पास किया और 62वीं रैंक हासिल की। उन्होंने यह रैंक 2015 की UPSC परीक्षा में हासिल की थी। उन्होंने कड़ी मेहनत, लगन और लगन से यह सफलता हासिल की।
इस बेटी ने मुश्किलों को पार करते हुए anuradha pal ias officer बनकर अपनी एक अनूठी पहचान बनाई है। अपने सपनों को साकार करने का सपना देखने वाले युवा अब उनसे प्रेरणा ले रहे हैं।



