होली-दिवाली एक साथ! बैंक खातों में आएगी मोटी रकम, जानें फिटमेंट फैक्टर का गणित

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त होने के बाद अब कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग के तहत भारी एरियर मिलने की उम्मीद है। जबकि आयोग की रिपोर्ट के आने में समय लगेगा, फिटमेंट फैक्टर के आधार पर संभावित वेतन वृद्धि और एरियर का आकलन शुरू हो चुका है।
फिटमेंट फैक्टर और एरियर का गणना
अगले साल जनवरी से लागू होने वाली वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर कर्मचारियों को 18 से 24 महीने का एरियर मिलने की संभावना जताई जा रही है। अगर आयोग की सिफारिशें तय तारीख से लागू मानी जाती हैं, तो वेतन बढ़ोतरी का भुगतान बाद में किया जाएगा, जिससे इस बीच का अंतर एरियर के रूप में मिलेगा। अनुमान है कि यह एरियर लगभग 20 महीनों का होगा, जो कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत का कारण बन सकता है।
नई सैलरी और एरियर की गणना का तरीका
वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी के लिए फिटमेंट फैक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फिटमेंट फैक्टर एक संख्या होती है, जिसे मौजूदा बेसिक सैलरी से गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। इस बार चर्चा में फिटमेंट फैक्टर के तौर पर 2, 15, 228, और 257 जैसे आंकड़े हैं। इस फैक्टर का सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी और एरियर पर पड़ता है।
कर्मचारियों के लिए वित्तीय लाभ
उदाहरण के तौर पर यदि लेवल 1 का कर्मचारी जिसकी बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, और लेवल 5 का कर्मचारी जिसकी बेसिक सैलरी 29,200 रुपये है, उन्हें एरियर के रूप में 3.5 लाख रुपये से लेकर 9 लाख रुपये तक का भुगतान हो सकता है। इस राशि में केवल बेसिक पे का फर्क नहीं, बल्कि महंगाई भत्ते का अंतर भी शामिल होगा।
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कौन-से कारक हैं प्रभावित
नई सैलरी तय होने के बाद पुरानी और नई सैलरी के बीच के अंतर को देखा जाएगा। यह अंतर फिर देरी के महीनों से गुणा किया जाएगा और साथ में डीए (महंगाई भत्ता) का फर्क भी जोड़ा जाएगा। ऐसे में कर्मचारियों के खातों में मोटी रकम जमा हो सकती है, जो उनके आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगी।



