लोन रिकवरी के लिए अब ‘गुंडागर्दी’ नहीं चलेगी, RBI ने बनाए हैं कड़े नियम

loan recovery rule: बैंक लोन के लिए रिकवरी वालों की धमकी भरी कॉल्स और परेशान करने वाली बातें जल्द ही बंद हो जाएंगी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने गुरुवार को लोन रिकवरी को लेकर सख्त नियमों का एक ड्राफ्ट जारी किया। इसके मुताबिक, रिकवरी एजेंट्स के लिए कस्टमर्स से अच्छे से बात करना और सभी कॉल्स रिकॉर्ड करना ज़रूरी होगा।

कुछ टाइम पहले बिहार में एक रिकवरी एजेंट की परेशान करने की वजह से कर्ज लेने वाले के एक रिश्तेदार की मौत हो गई थी। इसी बैकग्राउंड में, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने पिछले हफ्ते मॉनेटरी पॉलिसी की घोषणा करते हुए सख्त कदम उठाने का इशारा किया था। इसी के मुताबिक, इन नए नियमों की घोषणा की गई है।

असल में क्या बदलेगा?

  • एजेंट्स को अच्छा, सभ्य और संयमित व्यवहार रखना होगा
  • गाली-गलौज, धमकी भरे मैसेज, गलत समय पर मिलने पर सीधी रोक
  • एजेंट्स और उनके कर्मचारियों की प्री-स्क्रीनिंग ज़रूरी
  • अगर लोन का मामला कोर्ट में चल रहा है तो सावधानी की शर्त।
  • बैंकों को यह ज़िम्मेदारी लेनी होगी कि एजेंट कस्टमर्स की प्राइवेट जानकारी का इस्तेमाल गलत कामों के लिए न करें।

सेंसिटिव मौकों पर रिकवरी से बचें: ड्राफ्ट में साफ निर्देश हैं कि परिवार में मौत, प्राकृतिक आपदा, शादी या त्योहारों के दौरान रिकवरी की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। ‘गलत मौकों’ पर रिकवरी से बचने पर जोर दिया गया है।

…तो बैंकों के खिलाफ कार्रवाई होगी

बैंकों को एजेंट के पास कस्टमर की जानकारी सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी लेनी होगी। जानकारी का गलत इस्तेमाल होने पर बैंकों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

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न्यायिक मामलों में सावधानी

RBI ने यह भी साफ किया है कि बैंकों को कोर्ट में ट्रायल चल रहे लोन केस को रिकवरी एजेंट को सौंपते समय सावधानी बरतनी होगी।

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