वोटर लिस्ट में गड़बड़ी या साज़िश, एक मकान में 4271 मतदाता
गांव में एक छोटे से घर से 4271 वोटर मिले। AI सर्वे से सामने आई बड़ी गड़बड़ी, चुनाव नतीजों पर पड़ सकता था असर।

Voter list discrepancy: यूपी में पंचायत चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी का प्रकरण सामने आया है। महोबा जिले के जैतपुर गांव में एक तीन कमरे वाले घर से हजारों मतदाताओं का नाम दर्ज पाया गया है। यह खुलासा तब हुआ जब राज्य निर्वाचन आयोग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फर्जी वोटरों की पहचान के लिए एक सर्वे शुरू किया।
छोटा सा घर, हजारों वोटर: प्रशासन भी हैरान
एआई बेस्ड सर्वे के दौरान सामने आया कि जैतपुर गांव के मकान संख्या 803 में कुल 4271 लोगों का मतदाता पंजीकरण दर्ज (Voter list discrepancy) है। जब जांच के लिए BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) को मौके पर भेजा गया तो घर के मालिक तक इस जानकारी से चौंक उठे। उन्होंने बताया कि उन्हें बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि उनके पते पर इतने लोगों के वोट दर्ज हैं और ये लोग हैं कौन, इसकी भी जानकारी नहीं है।
चुनावी परिणामों पर पड़ सकता था सीधा असर (discrepancy Voter list in up)
4271 वोटरों की यह संख्या किसी भी पंचायत चुनाव के परिणाम को पूरी तरह प्रभावित करने की क्षमता रखती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन वोटों की मदद से न केवल ग्राम प्रधान का चुनाव तय हो सकता था, बल्कि दो ग्राम पंचायत सदस्य और एक ब्लॉक सदस्य भी आराम से जीत सकता था। यदि यह गड़बड़ी समय रहते न पकड़ी जाती, तो चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते थे। (discrepancy Voter list in up)
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पहले भी मिल चुके हैं फर्जी पते
ये पहली दफा नहीं है जब महोबा में फर्जी वोटर का मामला सामने आया हो। इससे पहले एक पान की दुकान के पते पर 243 वोट दर्ज पाए गए थे। इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि वोटर लिस्ट की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर काम करने की आवश्यकता है।
AI से फर्जीवाड़ा पकड़ने की कोशिश
राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों से पहले मतदाता सूची की जांच के लिए 20 सितंबर तक विशेष पुनरीक्षण अभियान शुरू किया है। इस अभियान में आधुनिक तकनीकों, खासतौर पर AI का इस्तेमाल करके बोगस वोटरों की पहचान की जा रही है। इसके बाद संबंधित BLO भौतिक सत्यापन कर रहे हैं।



