इंडिया गठबंधन की ऐतिहासिक वोट अधिकार यात्रा, गांधी मैदान में दमदार समापन

तेजस्वी से अखिलेश तक, विपक्षी नेताओं की एकजुटता ने दिखाई ताकत

इंडिया गठबंधन की ऐतिहासिक वोट अधिकार यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी। यह यात्रा 16 दिन तक चली, बिहार के 23 जिलों से होते हुए 1300 किलोमीटर की दूरी तय की और अंततः 1 सितंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में शानदार समापन हुआ। इसमें विपक्ष के सभी दलों के नेताओं ने अपनी सहभागिता दर्ज की।

यात्रा की शुरुआत से ही राहुल गांधी के साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, मुकेश साहनी, दीपांकर भट्टाचार्य सहित महागठबंधन के साथी जुड़े रहे। वहीं यात्रा को समर्थन देने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी पहुंचे।

वोट अधिकार यात्रा को इन नेताओं ने बनाया सफल

इसके अतिरिक्त ममता बनर्जी की पार्टी से यूसुफ पठान, शिवसेना से संजय राउत, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, सीपीआई के राष्ट्रीय महासचिव डी. राजा, कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी, पवन खेरा, अशोक गहलोत, सचिन पायलट, सुप्रिया श्रीनेत, अल्का लांबा सहित कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व पूरी मुस्तैदी से इस यात्रा को सफल बनाने में साथ रहा।

इस यात्रा को बिहार की जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिला। बच्चे, बूढ़े, किसान और नौजवान, हर वर्ग ने यात्रा को हाथों-हाथ लिया। इसी कारण जननायक राहुल गांधी ने कहा कि आज बिहार के बच्चे बच्चे की ज़बान पर वोट “चोर गद्दी छोड़” का नारा है। एक ऐसे समय में, जब बिहार में बुवाई का सीजन अभी समाप्त हुआ था और राज्य के अधिकांश हिस्से बाढ़ की चपेट में थे, तब भी भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि बिहार में बदलाव की बहार है।

जहां एक ओर इस यात्रा का शानदार कवरेज फ्रीलांस जर्नलिस्ट अजीत अंजुम, आरफा खानम शेरवानी, अभिसार शर्मा, रवीश कुमार, भारत सूरज आदि ने अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए किया, वहीं गोदी मीडिया ने सत्ता के इशारे पर पूरी तरह दूरी बनाए रखी। और जैसा कि हमें आशंका थी कि यात्रा को नज़रबद न लगे, वही हुआ, गोदी मीडिया को एक मौका मिल ही गया, जिसका बखान प्रधानमंत्री ने कल रो-रोकर किया। इस पर चर्चा करना उचित नहीं है। क्योंकि प्रधानमंत्री की फितरत में रोना-धोना और वोट बटोरना है।

इस ऐतिहासिक यात्रा के समापन के अवसर पर पटना में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बिहार में 15 दिनों की यात्रा ने पूरे देश को जगा दिया। भाजपा ने रुकावट डालने की कोशिश की, कांग्रेस कार्यालय पर हमला किया, लेकिन बिहार के लोगों ने इस यात्रा को पूरी तरह सफल बनाया। उन्होंने कहा कि बिहार में युवाओं की चिंता इनको नहीं है, पलायन की चिंता नहीं है।

पिछले 11 साल से बिहार में शुगर फैक्ट्री खोलने की बात हो रही है, लेकिन अब तक एक भी शुरू नहीं हुई है। भाकपा के राष्ट्रीय महासचिव डी. राजा ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार आक्रामक रूप से अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रही है और अब वह आमजन से वोट का अधिकार छीन रही है। हम वोट पर पाबंदी और वोट चोरी नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का नारा है— सत्ता बदलो, बिहार बचाओ।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट से गरीबों, दलितों, पिछड़ों, परदेशी मजदूरों और अल्पसंख्यकों के नाम हटाने की खतरनाक और अलोकतांत्रिक कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि एसआईआर का मतलब वोट पर पाबंदी है, और हम इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग और बीजेपी ने मिलकर वोट चोरी की है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं को बताना चाहता हूं कि वोट चोरी का मतलब है अधिकार, आरक्षण, रोजगार, शिक्षा, लोकतंत्र और युवाओं के भविष्य की चोरी। राहुल गांधी ने कहा कि माधोपुरा की असलियत उजागर कर हमने एटम बम फोड़ा था और जल्द ही वोट चोरी का हाइड्रोजन बम आने वाला है। बीजेपी वाले तैयार हो जाएँ, इसके बाद मोदी जी देश को मुँह नहीं दिखा पाएँगे।

बहरहाल, इस यात्रा से बिहार में इंडिया गठबंधन ने एकजुटता का संदेश दिया और महागठबंधन के पक्ष में माहौल बनाया। परिणाम स्वरुप आप देख सकते हैं किस प्रकार से सासाराम से पटना तक यात्रा मार्ग में अपार जनसमूह घंटों यात्रा के इंतज़ार में सड़कों पर डटा रहा।

इस यात्रा से आम जनमानस में जो अविश्वास और डर का माहौल था—कि उनका नाम वोटर लिस्ट से कैसे गायब हो गया, वह काफी हद तक टूटा। ऐसे लोगों के लिए यह यात्रा एक आस और उम्मीद का कारण बनी। प्रख्यात पत्रकार रवीश कुमार ने अपने यूट्यूब चैनल पर बताया कि वोट चोरी के सार्वजनिक हो जाने से आम जनता में यह उम्मीद जगी है कि अब वोट चोरी साधारण बात नहीं रह जाएगी। उन्होंने इसके तीन बड़े फायदे बताए, जिनका संबंध जनसाधारण की जानकारी और उससे उत्पन्न होने वाली ग़लतफ़हमियों से है।

वोट अधिकार यात्रा को मिल रहे अपार जन समर्थन को देखकर भाजपा बौखला गई। जनता का ध्यान वोट चोरी से भटकाने के लिए वह उपद्रव और तोड़फोड़ पर उतर आई। पूरे देश में कांग्रेस कार्यालयों पर धावा बोला गया। पटना स्थित सदाकत आश्रम का गेट तोड़कर भाजपा के गुंडे अंदर घुस गए और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की।

इसी प्रकार देहरादून स्थित राजीव भवन और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कार्यालयों को भी निशाना बनाया गया। लखीमपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की। दरअसल, भाजपा की यह हरकत खिसियाहट और बौखलाहट का प्रतीक है। मारो और तोड़ो—जितना मारना तोड़ना है, हम सत्य और संविधान की रक्षा करते रहेंगे।

Related Articles

Back to top button