मोदी सरकार ने किया कमाल, 3 हफ्तों में कचरे से कमाए 387 करोड़ रुपये

मोदी सरकार ने बहुत बड़ा कमाल कर दिखाया है। दरअसल, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्वच्छ भारत अभियान 5.0 पर एक महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है। जितेंद्र सिंह के अनुसार, 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलाए गए स्वच्छ भारत अभियान के विशेष अभियान के तहत पहले तीन हफ्तों में 387 करोड़ रुपये की कमाई हुई। यह राशि सरकारी कार्यालयों और संस्थानों से कबाड़ और अनुपयोगी वस्तुओं को बेचकर एकत्र की गई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चौथे और अंतिम सप्ताह में अभियान शुरू होने पर यह आंकड़ा 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये तक पहुँचने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि सरकार सिर्फ़ स्वच्छता से ही हज़ारों करोड़ रुपये बचा रही है और कमा रही है। गौरतलब है कि अब तक 1.48 करोड़ वर्ग फुट से ज़्यादा जगह खाली हो चुकी है। इस खाली जगह का इस्तेमाल अब सरकारी कार्यों, सार्वजनिक सेवाओं या अन्य उपयोगी उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
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इस वर्ष का अभियान ‘अपशिष्ट से धन’ दृष्टिकोण में अगला बड़ा कदम उठा रहा है। जिन चीज़ों को कभी बेकार समझा जाता था, उन्हें अब संसाधन समझा जा रहा है। कचरा हटाने से न केवल पर्यावरण शुद्ध होता है, बल्कि राजस्व भी प्राप्त होता है। देश भर में स्वच्छता के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों को इस अभियान से जुड़ी सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और साझा करने की सलाह दी है। इस अभियान में सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेरों की सफाई की गई। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाए गए। इसमें हज़ारों स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
इस बीच, इस वर्ष ‘कचरे से धन’ अभियान का अगला चरण लागू किया गया। कचरे के पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण पर ज़ोर दिया गया। मोदी सरकार ने ‘कचरे से धन’ मॉडल पर आधारित अभियान पर ज़ोर दिया। यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए, बल्कि रोज़गार सृजन के लिए भी विशेष था। जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस विशेष स्वच्छता अभियान ‘कचरे से धन’ के माध्यम से आय का एक पुल बनाया गया।



