पालिका में दो-दो फर्जी नियुक्तियों पर चर्चाएं हुई तेज

मानकों को ताक पर रख चपरासी कैसे हुआ बाबू के पद पर पदोन्नति

भरथना,इटावा। भरथना नगर क्षेत्र सहित पूरे जनपद में इन दिनों भरथना नगर पालिका में दो-दो फर्जी सरकारी नौकरियों पर हुई नियुक्तियों को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम बना हुआ है। नगर और जनपदवासियों की जिज्ञासा है कि आखिर इतने बड़े घोटाले की जांच कब तक लम्बित क्यों पड़ी है?

जनता का सवाल यहीं नहीं खत्म होता,जनता जानना चाहती है कि तमाम मानकों को ताक पर रखकर आखिर एक चपरासी को बाबू कैसे बना दिया?

क्या पालिका में अंधा बांटे रेवड़ी अपने अपने को देय कहावत चित्रार्थ हो रही है।

फिलहाल जनता के इन सवालों का जवाब बहुत जल्दी जांच टीम द्वारा ही मिल सकेगा,यह वाकई सच है कि उक्त प्रकरण की जांच अभी तक लम्बित हैं।

यह भी सच है कि उक्त प्रकरण की पूर्व में कई शिकायतों की जांचे जांच अधिकारी की फाइलों में दफन हो गईं,लेकिन इस बार की जांच किसी फाइल में दफन होती नजर नहीं आ रही।

विभागीय सूत्रों की मानें तो इस बार उक्त फर्जी नियुक्तियों के प्रकरण की जांच अब इटावा के सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में उनकी टीम कर रही है।

आपको बतादें उक्त मामला यहीं रुकने वाला नहीं है, शिकायतकर्ता भरथना नगर पालिका परिषद के रिटायर्ड लेखाकार अधिकारी अवधेश तिवारी ने बताया कि वर्तमान में इटावा सिटी मजिस्ट्रेट की जांच शुरू होने के बीच बहुचर्चित टीवी चैनल भारत समाचार और मीडिया में छाए उक्त प्रकरण को उत्तर प्रदेश सरकार ने गम्भीरता से लेते हुए 11 सदस्यीय आईएस और पीसीएस के अलावा पीपीएस अधिकारियों की एक जांच कमेटी का गठन किया गया है,जिसमें एक भी अधिकारी पूर्व में इटावा जनपद में तैनात नहीं रहे, उनकी विशेष तेज तर्रार टीम प्रत्येक अभिलेखों की गुणवत्ता और मानकों के आधार पर उच्चयस्तरीय जांच होगी,और जांच अधिकारियों की टीम से उक्त प्रकरण में दूध का दूध और पानी अलग करने की उम्मीद है।

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