जीडीए की ई-लॉटरी में सर्वर डाउन, आवेदकों का हंगामा; पारदर्शिता पर उठे सवाल

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में 350 आवासीय भूखंडों के आवंटन के लिए बुधवार को आयोजित ई-लॉटरी के दौरान सर्वर डाउन होने से आवेदकों में नाराजगी फैल गई। बड़ी संख्या में आवेदक लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन पहुंचे और व्यवस्था को लेकर हंगामा किया। आवेदकों ने लॉटरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
जीडीए की ओर से योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया जनहित पोर्टल के माध्यम से 11 मई से 4 जून 2026 तक संचालित की गई थी। बुधवार को श्रेणी ए, बी, सी और डी के आवेदकों के लिए ई-लॉटरी आयोजित की जा रही थी। इसी दौरान सर्वर में तकनीकी दिक्कत आने के कारण लॉटरी प्रक्रिया प्रभावित हो गई।
आवेदकों का आरोप था कि लॉटरी के दौरान तकनीकी समस्या के चलते उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पा रही थी। कुछ आवेदकों ने सफल आवेदकों के नाम सार्वजनिक किए जाने की मांग भी उठाई, ताकि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठे।
जीडीए अधिकारियों के अनुसार ई-लॉटरी की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अपर सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति में विद्युत विभाग, जिला प्रशासन, जीडीए के मुख्य अभियंता, संबंधित जोन प्रभारी और मुख्य नगर नियोजक समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सदस्य बनाया गया है।
हालांकि, समिति के गठन के बावजूद सर्वर की तकनीकी समस्या को लेकर आवेदकों में असंतोष देखने को मिला। आवेदकों ने मांग की कि ई-लॉटरी की प्रक्रिया स्पष्ट एवं पारदर्शी तरीके से पूरी कर सभी सफल आवेदकों की जानकारी सार्वजनिक की जाए।



