घर में होने जा रहा है रुद्राभिषेक, वास्तु के इन 4 नियमों को नजरअंदाज किया तो नहीं मिलेगा पूरा फल

Sawan Rudrabhishek Vastu Tips: सावन का पवित्र महीना चल रहा है और इस दौरान देवाधिदेव महादेव की आराधना करने का विशेष महत्व माना गया है। ऐसी गहरी मान्यता है कि यदि सावन के महीने में सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा की जाए, तो भोलेनाथ की असीम कृपा प्राप्त होती है और जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। यही वजह है कि तमाम लोग इस पावन महीने में अपने घर पर रुद्राभिषेक का आयोजन करवाते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि सही विधि-विधान के साथ शिवलिंग की पूजा और अभिषेक किया जाए, तो घर-परिवार में सुख-शांति और सुकून का वास होता है। इस खास आयोजन के लिए लोग हफ्ते भर पहले से ही तैयारियां शुरू कर देते हैं, मगर कई बार केवल पूजा की सामग्री जुटाना ही काफी नहीं होता, बल्कि घर की साफ-सफाई और वास्तु के नियमों का सही दिशा में पालन करना भी उतना ही जरूरी माना जाता है।
अगर आप भी अपने घर पर रुद्राभिषेक करवाने की योजना बना रहे हैं, तो पूजा से ठीक पहले वास्तु शास्त्र से जुड़ी इन 4 बेहद खास बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
पूजा के लिए सही दिशा का करें चयन
वास्तु शास्त्र में ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे अधिक पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना गया है। अपने घर में रुद्राभिषेक का अनुष्ठान कराने के लिए हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा को ही चुनें और इस निर्धारित स्थान की अच्छी तरह से साफ-सफाई कर लें। इस बात का खास ध्यान रखें कि पूजा वाले स्थल या उसके आसपास किसी भी प्रकार की गंदगी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। साफ-सफाई पूरी होने के बाद उस जगह पर पवित्र गंगाजल का छिड़काव अवश्य करें। हमेशा इस बात की कोशिश होनी चाहिए कि जहां पर शिवलिंग या शिव परिवार की स्थापना की जा रही है, वह स्थान पूरी तरह से स्वच्छ और व्यवस्थित हो।
मुख्य द्वार की साफ-सफाई और सजावट
जिस दिन आपके घर में रुद्राभिषेक का मुख्य कार्यक्रम हो, उस दिन सुबह उठकर घर के मुख्य दरवाजे की सफाई जरूर करें। एक साफ बर्तन में जल लें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल मिला लें, इसके बाद इस पवित्र जल को घर के मुख्य द्वार पर चारों तरफ छिड़क दें। इसके साथ ही मुख्य द्वार पर आम या फिर अशोक के पत्तों का सुंदर तोरण जरूर बांधें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य द्वार पर तोरण लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। तोरण लगाने के बाद मुख्य द्वार के दोनों तरफ सिंदूर या रोली से स्वास्तिक का चिह्न भी अवश्य बनाएं।
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पूजा वाले कमरे से हटा दें बेकार सामान
आप जिस भी कमरे में रुद्राभिषेक करवाने का विचार कर रहे हैं, अगर उस कमरे में कहीं पर भी कोई बेकार या कबाड़ सामान पड़ा है, तो उसे तुरंत वहां से हटाकर किसी दूसरी जगह पर शिफ्ट कर दें। इस बात की पूरी कोशिश करें कि पूजा वाले कमरे में पुराने कपड़े, गंदे जूते-चप्पल या फिर लेदर यानी चमड़े से बनी कोई भी वस्तु बिल्कुल न रखी हो। इसके अलावा पूजा स्थल या उसके आसपास कोई भी भारी सामान रखने से बचें। आप पूजा वाली जगह को जितना खुला, हवादार और साफ-सुथरा रखेंगे, घर में उतनी ही अधिक सकारात्मकता बनी रहेगी।
पूजा से पहले पूरे घर में करें ये जरूरी काम
जिस दिन आपके घर में रुद्राभिषेक का अनुष्ठान होना है, उस दिन सुबह पूरे घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई कर लें। इसके बाद पूरे घर में गूगल, लोबान या सुगंधित धूपबत्ती का धुआं अवश्य दिखाएं। वास्तु विज्ञान के अनुसार, ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है और इससे घर का वातावरण शुद्ध होता है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय से घर में लंबे समय से रुकी हुई या फंसी हुई नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है और पूरे घर का माहौल हल्का व पवित्र हो जाता है। ऊर्जा के लिहाज से घर जितना शांत और सुकून भरा होगा, रुद्राभिषेक की पूजा का उतना ही अलौकिक और शुभ फल प्राप्त होगा।



