विश्व वन्यजीव दिवस: वन्यजीवों से डरें नहीं, उन्हें पहचानना सीखें :जेल अधीक्षक
जिला कारागार में सर्पदंश जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

इटावा। विश्व वन्यजीव दिवस 2025 के अवसर पर बुधवार को जिला कारागार इटावा में सर्पदंश जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को सर्पदंश जैसी प्राकृतिक आपदा से बचाव और प्राथमिक उपचार की जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मामलों में निरुद्ध कुल 594 महिला एवं पुरुष बंदियों को सर्प पहचान और सर्पदंश उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं।
विशेषज्ञों ने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय सही पहचान और प्राथमिक उपचार से व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। जिला जेल अधीक्षक कुलदीप सिंह भदौरिया ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर कहा कि प्रदेश में सर्पदंश को मुख्य 11 राज्य आपदाओं में से एक माना गया है। हर वर्ष प्रदेशभर में लगभग 16 हजार लोग सर्पदंश से प्रभावित होते हैं। ऐसे में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी और प्रभावी साबित होते हैं।
उन्होंने कहा कि कल हमारे जिला जेल की महिला बंदी के बैरेक में एक सांप निकल आया था, इसके बाद महिला बंदियों में भय व्याप्त हो गया था। सर्प मित्र विशेषज्ञ आशीष त्रिपाठी ने सांप को पकड़ कर सुरक्षित जगह छोड़ दिया। इसी को देखते हुए मैंने डॉक्टर आशीष से जिला जेल में सर्प दंश जागरूकता शिविर का आयोजन के लिए आग्रह किया था। उन्होंने आगे बताया कि वन्यजीवों से डरने की नहीं, बल्कि उन्हें पहचानने की आवश्यकता है।
सर्पदंश से बचाव और उपचार की जानकारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। भदौरिया ने आगे बताया कि कारागार प्रशासन समय-समय पर बंदियों के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहता है, जिससे वे प्राकृतिक आपदाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने के प्रति जागरूक रहें।



