क्या देश की राजधानी फिर आतंकवाद की चपेट में, जानें NIA की जांच में कहां तक पहुंची
Delhi car explosion 2025: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट में 12 नागरिकों की मौत, सुरक्षा एजेंसियों की जांच में तेज़ी। क्या यह आतंकवादी हमला था?
Delhi car explosion 2025: दिल्ली में ब्लास्ट…। ये मनहूस खबर जिसने सुनी, वह अवाक रह गया। खबर की सच्चाई जानने के लिए किसी ने फोन का, किसी ने न्यूज चैनल का तो किसी ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। ब्लास्ट के बाद घटनास्थल की तस्वीरें एवं वीडियो देखकर दिल बैठ गया। दिमाग में आतंकवाद का मंजर घूमने लगा। क्या यह कोई आतंकवादी हमला था? क्या कार में बारूद्ध रखकर दिल्ली को दहलाया गया?
साजिश के पीछे आखिर किसका हाथ है? क्या आतंकवाद एक बार फिर सिर उठाने की कोशिश कर रहा है? इस प्रकार के ढेरों सवाल हर आम आदमी के मन में उठ रहे हैं। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास ब्लास्ट में बारह नागरिकों की मौत की पुष्टि अब तक हो चुकी है।
कहां तक पहुंच सुरक्षा एजेंसियों की जांच
जांच एजेंसियों ने घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) एक्शन में आ गई है। देशभर में इस घटना पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। फरीदाबाद से भारी मात्रा में आरडीएक्स की बरामदगी के बाद अचानक राष्ट्रीय राजधानी में इस प्रकार की घटना होना कई सवाल पैदा कर रही है।
दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर तक जांच का दायरा बढ़ाया गया है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों की धरपकड़ की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि पक्के तौर पर यह आतंकी घटना है तो चिंता बढ़ जाती है। चूंकि पहलगाम हमले के बाद देश में यह दूसरी बड़ी घटना है। वैसे एजेंसियों को प्रारंभिक जांच में जिस प्रकार के साक्ष्य मिले हैं, वह घटना के पीछे बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहे हैं।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को करारा जवाब देने के साथ-साथ आतंकवाद पर कड़ा प्रहार किया था। भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर समाप्त नहीं हुआ है, सिर्फ स्थगित किया गया है। पीएम मोदी के सत्ता संभालने के बाद से आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है। आंतरिक सुरक्षा को सुधारने के अलावा सीमाओं पर चौकसी बढ़ाई गई है। आतंकवाद के अलावा नक्सलवाद को भी शून्य करने के प्रयास निरंतर जारी हैं।
जड़ खत्म नहीं हो सकता आतंकवाद
हालांकि आतंकवाद ऐसी समस्या है, जिसे जड़ से समाप्त करने के लिए निरंतर कार्रवाई की आवश्यकता है। पाकिस्तान बेशक इस समय अफगानिस्तान से उलझा हुआ है, मगर वह भारत विरोधी साजिशों से बाज नहीं आया है। देश के भीतर भारी मात्रा में आरडीएक्स के अतिरिक्त घातक जहर बरामद होने से यह साफ है कि राष्ट्रविरोधी ताकतें कोई नई साजिश रचने में जुटी हैं। जिन्हें बेनकाब कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी होगी। आतंकवाद को पराजित करने में बड़ी सफलता तभी मिलेगी, जब देशवासी जागरूक एवं एकजुट होकर रहें। देशवासियों की एकजुटता से आतंक को हराना आसान है।
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उम्मीद की जानी चाहिए कि दिल्ली ब्लास्ट केस (Delhi car explosion 2025) की जांच में एजेंसियों को जल्द बड़ी कामयाबी मिल सकेगी। गुनहगारों को सबक सिखाया जा सकेगा। देश के बड़े शहरों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है, मगर प्रत्येक नागरिक को सजग रहना होगा। किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि के बारे में पता चलने पर तुरंत पुलिस को सूचना देनी होगी। सिर्फ हाई अलर्ट की घोषणा पर्याप्त नहीं है। इसका असर भी जमीनी स्तर पर दिखाई देना जरूरी है। देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास निश्चित रूप से रंग ला सकते हैं।



