सुल्तानपुर जन्माष्टमी विवाद पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान, बोले- दोषियों को मिले ऐसी सजा कि…

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में व्यवधान डाले जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है।

उन्होंने कहा कि आस्था के इस पुनीत पर्व पर पूजा-अर्चना को बाधित करना और अड़चनें पैदा करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले के दोषी प्रभुत्ववादी तत्वों को ऐसी कठोर सजा दी जाए, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति अपने घमंड में आकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का दुस्साहस न कर सके।

आस्था पर प्रहार ही नहीं, यह पाप और गंभीर अपराध: अखिलेश यादव

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह सिर्फ किसी एक समुदाय विशेष की धार्मिक आस्था पर सीधा प्रहार नहीं है, बल्कि यह एक अक्षम्य पाप और गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने इस कृत्य को पूरी तरह से अस्वीकार्य और घोर निंदनीय बताया। उनका कहना था कि धार्मिक आयोजनों में इस प्रकार की रुकावटें समाज के ताने-बाने को नुकसान पहुंचाती हैं और आपसी भाईचारे को प्रभावित करती हैं।

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‘सत्ता और जातीय अहंकार के कारण होती हैं ऐसी घटनाएं’

अखिलेश यादव ने इस तरह के विवादों के मूल कारणों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के पीछे सामाजिक श्रेष्ठता की दुर्भावना और उच्चता का झूठा घमंड काम करता है। उन्होंने सीधे तौर पर इशारा किया कि जब लोगों को सत्ता के सजातीय होने का राजनीतिक अहंकार और संरक्षण मिलता है, तब इस प्रकार की प्रवृत्तियां जन्म लेती हैं। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि समाज और दुनिया भली-भांति जानती है कि शुभ धर्म-कर्म और पूजा-पाठ में बाधा उत्पन्न करने वालों को क्या कहा जाता है।

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