सऊदी अरब का बड़ा फ़ैसला: वर्क वीज़ा नियमों में बदलाव, भारतीयों को लग सकता है झटका

SA Work Visa New Rules: सऊदी अरब में काम करने की चाहत रखने वाले लाखों भारतीय वर्करों और प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ी खबर आई है। सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे ‘Qiwa’ (किवा) प्लेटफॉर्म ने वर्क परमिट और वीज़ा में बड़े बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत, सऊदी अरब में नई कंपनियों के लिए ‘इंस्टेंट वर्क वीज़ा’ की सीमा काफी कम कर दी गई है। इस कदम का मकसद सऊदी लेबर मार्केट को रेगुलेट करना और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।
नई कंपनियों के लिए सिर्फ़ 5 वीज़ा!
‘Qiwa’ प्लेटफॉर्म के अनुसार, जो कंपनियाँ या स्टार्टअप दो साल से कम समय से काम कर रहे हैं, उन्हें अब ज़्यादा से ज़्यादा पाँच इंस्टेंट वीज़ा ही मिलेंगे; पहले यह सीमा ज़्यादा थी। इसके उलट, दो साल से ज़्यादा पुरानी कंपनियाँ 50 वीज़ा तक के लिए योग्य हो सकती हैं। स्थापित कंपनियाँ ये 50 वीज़ा एक साथ या एक हफ़्ते में कई बार अप्लाई करके हासिल कर सकती हैं। इसके अलावा, ‘एस्टेब्लिशमेंट प्रोग्राम’ में शामिल कंपनियों को शुरू में सिर्फ़ दो वीज़ा मिलेंगे; उनका वीज़ा कोटा तभी बढ़ाया जाएगा जब वे स्थानीय सऊदी नागरिकों को नौकरी पर रखेंगी।
सऊदी अरब में काम करने के लिए 10 सख़्त शर्तें!
विदेशी वर्करों की भर्ती को सुव्यवस्थित करने और गलत प्रथाओं को रोकने के लिए, ‘Qiwa’ ने 10 सख़्त शर्तें लागू की हैं:
- 1. कंपनी का बिज़नेस स्टेटस ‘एक्टिव’ होना चाहिए।
- 2. सभी कर्मचारियों के पास वैलिड वर्क परमिट होना चाहिए।
- 3. कंपनी के पास वैलिड कमर्शियल रजिस्ट्रेशन होना चाहिए।
- 4. कंपनी को ‘मीडियम ग्रीन’ स्टेटस या उससे ऊपर का स्टेटस बनाए रखकर ‘सऊदीकरण’ (Saudization) नियमों का पालन करना होगा।
- 5. ‘वेज़ प्रोटेक्शन सिस्टम’ (Wage Protection System) का सख़्ती से पालन करना ज़रूरी है।
- 6. ‘Absher’ या ‘Muqeem’ जैसे सरकारी प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त बैंक बैलेंस बनाए रखना होगा।
- 7. 10 या उससे ज़्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों को सालाना ‘सेल्फ़-असेसमेंट’ (खुद का मूल्यांकन) करना होगा।
- 8. कर्मचारियों के काम करने की जगह ‘Qiwa’ प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड होनी चाहिए।
- 9. सऊदी अरब आने वाले वर्करों की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
- 10. वीज़ा के प्रकार के आधार पर कंपनियों के पास पर्याप्त भर्ती कोटा उपलब्ध होना चाहिए।
भारतीय वर्करों पर क्या असर पड़ेगा?
सऊदी अरब में काम करने वाले विदेशी नागरिकों में भारतीयों का समूह सबसे बड़ा है। इस नए नियम का सीधा असर सऊदी अरब में नया बिज़नेस शुरू करने वाली भारतीय कंपनियों और वहाँ नौकरी के लिए जाने के इच्छुक युवाओं पर पड़ेगा। चूँकि नई कंपनियों को कम वीज़ा कोटा मिलता है, इसलिए भारतीय प्रोफेशनल्स की भर्ती की प्रक्रिया धीमी हो जाएगी।
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इस बदलाव के कारण, सऊदी अरब में नौकरी चाहने वाले लोग नई कंपनियों या स्टार्टअप्स के बजाय उन स्थापित कंपनियों को प्राथमिकता दे सकते हैं जो दो साल से ज़्यादा समय से काम कर रही हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि स्थापित कंपनियों के पास 50 वीज़ा का कोटा होता है, जिससे वहाँ नौकरी और वीज़ा दोनों मिलना आसान और ज़्यादा सुरक्षित होता है।



