साहित्यिक संस्था युगांतर की पहल: सरस काव्य संगोष्ठी सम्पन्न

करन सिंह शैवाल की प्रथम पुण्यतिथि पर साहित्यकार सम्मानित

जसवंतनगर,इटावा। क्षेत्र की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था युगांतर ने अनोखी पहल कर क्षेत्र के वरिष्ठ कवि करन सिंह शैवाल की प्रथम पुण्यतिथि पर इटावा,भरथना,औरैया, मैनपुरी,भोगांव, फर्रुखाबाद व फिरोजाबाद से 23 प्रसिद्ध साहित्यकारों को सम्मानित कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

कार्यक्रम का आगाज जसवंतनगर के प्रभु मैरिज होम में आयोजित‌ उक्त सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि अशोक यादव, नरेंद्र वर्मा, अनिल दीक्षित,प्रेम बाबू प्रेम,सौरभ वर्मा,संजीव वर्मा, सुरेंद्र वर्मा तथा उमेश नारायण चौधरी आदि ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया।

साहित्यकारों को शाल उड़ा कर,प्रशस्ति पत्र, प्रोत्साहन राशि देकर मुख्य अतिथि अशोक यादव, नरेंद्र वर्मा,अनिल दीक्षित, सौरभ वर्मा,सुरेंद्र वर्मा, राजेंद्र गुप्ता,आदि लोगों ने साहित्यकारों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले साहित्यकारों में प्रेम चंद्र शाक्य,संतोष कुमार दुबे, विजय सिंह पाल,श्रीचंद वर्मा,बाबूराम यादव, अनुराग मिश्रा असफल, कुश चतुर्वेदी,राजकुमार गुप्ता एडवोकेट,अनिरुद्ध त्रिपाठी,मुरारी लाल शर्मा, डॉ.राजीव यादव राज, डॉ.शिव ओम अंबर, श्रीमती गीता चतुर्वेदी,दीन मोहम्मद दीन,अशोक यादव,अजय अंजाम, अनिल दीक्षित,डॉ.पदम सिंह यादव,रोहित चौधरी, डॉ.हरिशचंद्र शाक्य,डॉ.राम स्नेही शर्मा,डॉ.विद्या कांत तिवारी,कमलेश शर्मा रहे।
सम्मान समारोह के बाद सरस काव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में सम्मानित होने वाले साहित्यकारों के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों ने भी वरिष्ठ साहित्यकार करन सिंह शैवाल की प्रथम पुण्यतिथि पर अपने-अपने संस्मरण को रखते हुए विचार प्रस्तुत किये। औरैया से पधारी कवियत्री गीता चतुर्वेदी ने मां सरस्वती वंदना के साथ काव्य संगोष्ठी का श्री गणेश किया।

इटावा के युवा कवि रोहित चौधरी ने वृद्धावस्था आश्रम संस्कृति पर गहरा कटाक्ष किया। औरैया के ओजस्वी कवि अजय अन्जाम ने विश्व के भार उठावन हार कों शीश पर देव उठाय चले हैं, माया को गोद उठाय लियो और मायावती को पराए चले हैं। वीर रस पर मेवाड़ विजय की रास्ते में खुद को तन रोड़ा बना दिया, चेतक योद्धा बन गया और मुगलों को घोड़ा बना दिया। मुख्य अतिथि अशोक यादव ने श्रंगार गीत गुनगुना कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। फर्रूखाबाद के वरिष्ठ कवि शिव ओम अम्बर ने वर्तमान व पुराने पीढ़ी के अन्तर को काव्य में ढाल कर परोसा कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के उत्तरार्ध में

वरिष्ठ कवि करण सिंह शैवाल के पुत्र सौरभ वर्मा ने उनकी जीवनबाद पर एक प्रकाश डालते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी क्रम में नरेंद्र वर्मा उमेश न उमेश नारायण चौधरी बटेश्वरी प्रजापति आदि लोगों ने भी कई शैवाल को याद कर अपने उद्गार व्यक्त किये। इस अवसर पर पारिवारिक लोगों के साथ-साथ ओम पुरवार,अनिल गुप्ता, शारदा गुप्ता, अंकुर वर्मा,अनुज वर्मा सहित काफी प्रतिष्ठित व्यक्ति तथा मात्र शक्ति उपस्थित रहे। सम्मान समारोह का संचालन उमाकांत श्रीवास्तव ने किया तथा सरस काव्य संगोष्ठी का मंच संचालन अनिल दीक्षित भरथना ने किया।

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