कमजोर शरीर में भर देगा फौलादी ताकत, दूध की इस किस्म ने प्रोटीन के मामले में सबको पछाड़ा

High Protein Milk Varieties: जब भी शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी करने या हेल्दी ड्रिंक चुनने की बात आती है, तो अधिकांश लोगों के जेहन में सबसे पहला नाम गाय के दूध का ही आता है। अमूमन माना जाता है कि रोजाना एक गिलास गाय का दूध पीने से दिनभर का जरूरी प्रोटीन आसानी से मिल जाता है। हालांकि, न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार गाय का दूध प्रोटीन का एकमात्र या सबसे बड़ा स्रोत नहीं है।
बाजार और प्रकृति में दूध की ऐसी कई किस्में मौजूद हैं, जिनमें गाय के दूध से कहीं अधिक या उसके बराबर प्रोटीन पाया जाता है। इनमें कई पारंपरिक डेयरी मिल्क के साथ-साथ पॉपुलर प्लांट-बेस्ड विकल्प भी शामिल हैं। आइए समझते हैं दूध की इन 7 प्रमुख वैराइटीज के बारे में और जानते हैं कि किसमें सबसे ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है।
भेड़ का दूध: प्रोटीन के मामले में सबसे आगे
सुनने में भले ही थोड़ा अलग लगे, लेकिन न्यूट्रिशनल चार्ट में भेड़ का दूध प्रोटीन के मामले में सबसे ऊपर माना जाता है। प्रति 100 मिलीलीटर भेड़ के दूध में लगभग 5 से 6 ग्राम तक उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन मिल जाता है। इसके अलावा इसमें हेल्दी फैट और आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा भी काफी अधिक होती है। इसका स्वाद काफी रिच और टेक्सचर बेहद क्रीमी होता है, जिसके चलते इसका बड़ा उपयोग प्रीमियम योगर्ट और चीज (Cheese) तैयार करने में किया जाता है।
भैंस का दूध: गाढ़ापन और भरपूर पोषण का संगम
भारत के अधिकांश घरों और स्थानीय डेरियों में भैंस का दूध सबसे ज्यादा पिया और इस्तेमाल किया जाता है। फैट की अधिक मात्रा होने के कारण यह दूध काफी गाढ़ा और क्रीमी होता है। इसी वजह से पारंपरिक रूप से मावा (खोया), पनीर, शुद्ध देसी घी और गाढ़ा दही जमाने के लिए भैंस के दूध को पहली पसंद माना जाता है। न्यूट्रिशन की बात करें तो 100 मिलीलीटर भैंस के दूध में करीब 3.7 से 4.5 ग्राम तक प्रोटीन उपलब्ध होता है।
गाय का दूध: हल्का, सुपाच्य और लोकप्रिय विकल्प
गाय का दूध अपने हल्केपन और आसानी से पचने वाले गुणों के कारण रोजमर्रा के सेवन के लिए सबसे लोकप्रिय है। हालांकि, प्रोटीन की मात्रा के लिहाज से यह भेड़ या भैंस के दूध से थोड़ा पीछे रहता है और यह गाय की अलग-अलग नस्लों पर भी निर्भर करता है। सामान्य तौर पर 100 मिलीलीटर गाय के दूध से शरीर को लगभग 3.2 से 3.5 ग्राम प्रोटीन प्राप्त होता है, जो इसे सबसे सुलभ और संतुलित दैनिक प्रोटीन स्रोत बनाता है।
बकरी का दूध: जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और कैल्शियम का खजाना
बकरी के दूध में मिलने वाले प्रोटीन की मात्रा काफी हद तक गाय के दूध के समान ही होती है। प्रति 100 मिलीलीटर बकरी के दूध में लगभग 3 से 3.5 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। प्रोटीन के अलावा इसमें बायो-अवेलेबल कैल्शियम और कई जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मददगार माने जाते हैं।
ऊंटनी का दूध: हल्का नमकीन स्वाद और अनोखे पोषक तत्व
ऊंटनी का दूध भारत में कुछ खास क्षेत्रों तक सीमित हो सकता है, लेकिन मध्य पूर्व, उत्तर अफ्रीका और एशिया के कई हिस्सों में इसका सेवन सदियों से किया जा रहा है। भैंस के दूध की तुलना में यह कम क्रीमी होता है और इसका स्वाद हल्का सा नमकीन होता है। पोषक तत्वों से भरपूर ऊंटनी के 100 मिलीलीटर दूध में लगभग 3 से 3.5 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है।
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सोया मिल्क: प्लांट-बेस्ड डाइट वालों के लिए बेस्ट ऑप्शन
जो लोग वीगन डाइट फॉलो करते हैं या लैक्टोज इनटॉलरेंस के कारण डेयरी प्रोडक्ट्स से परहेज करते हैं, उनके लिए सोया मिल्क एक बेहतरीन प्लांट-बेस्ड विकल्प है। इसके 100 मिलीलीटर में लगभग 3 से 4 ग्राम प्रोटीन होता है, जो डेयरी मिल्क के लगभग बराबर है। सोया मिल्क की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें शरीर के लिए आवश्यक सभी 9 जरूरी अमीनो एसिड्स मौजूद होते हैं, जो इसे एक कम्पलीट प्लांट प्रोटीन बनाते हैं।
बादाम मिल्क: स्वाद में रिच पर प्रोटीन में सबसे पीछे
अक्सर लोग बादाम के नाम से यह मान लेते हैं कि बादाम का दूध प्रोटीन से भरपूर होगा, लेकिन असलियत इससे उलट है। बादाम मिल्क स्वाद और कम कैलोरी के लिए तो अच्छा हो सकता है, लेकिन प्रोटीन के मामले में यह काफी पीछे है। विशेष रूप से पैकेटबंद बादाम मिल्क के 100 मिलीलीटर में मात्र 0.5 से 1 ग्राम तक ही प्रोटीन मिल पाता है।



