क्या 2025 में भारत‑पाक संबंधों का नया मोड़ आ रहा है?

2025 india pakistan conflict in hindi: ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ते तनाव, पीओके‑बलूचिस्तान की भूमिका और सैन्य‑कूटनीतिक विकल्प विशेषज्ञ नजरियों का सार।

2025 india pakistan conflict: भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में कड़वाहट का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के तीखे बयानों से पाकिस्तान का ब्लड प्रेशर (बीपी) एकाएक बढ़ गया है। भीतर का डर छिपाने के लिए वह भेड़ से भेड़िया बनने का दिखावा करने लगा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत अपने नागरिकों की रक्षा, अपनी एकता और अखंडता की रक्षा की खातिर जब भी जरूरी हो, किसी भी सीमा को पार कर सकता है।

इसी प्रकार सेना प्रमुख द्विवेदी ने साफ कहा है कि यदि पड़ोसी देश दुनिया के मानचित्र पर जगह बनाए रखना चाहता है, तो उसे अपनी धरती पर आतंकवाद को प्रायोजित करना बंद कर देना चाहिए। पुरानी कहावत है, समझदार को इशारा काफी है। रक्षा मंत्री तथा सेना प्रमुख ने आतंकवाद के आका पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में संकेत दे दिया है कि आतंक के विरुद्ध भविष्य में भारत किस स्तर पर जाकर कार्रवाई कर सकता है?

जवानों को तैयार रहने के संकेत इस बात की तस्दीक करते हैं कि इंडियन आर्मी को सीमा पार करने की छूट मिल सकती है। ऐसा होने पर पाकिस्तान का अंत सुनिश्चित है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत अपनी ताकत और मजबूत इरादों को जाहिर कर चुका है। वैसे पीओके और बलूचिस्तान में जिस प्रकार के हालात फिलवक्त नजर आते हैं, ऐसी स्थिति में पाकिस्तान निकट भविष्य में भारत के साथ उलझने की गलती कतई नहीं करेगा। बता दें कि 2025 में हुए india pakistan के conflict ने तनाव को औऱ ज्यादा बढ़ा दिया है।

भारत से दोस्त का दिखावा कर पुतिन ने पाकिस्तान कर ली ये बड़ी डील

चूंकि इंडियन आर्मी ने यदि बॉर्डर क्रॉस कर दिया तो पीओके तथा बलूचिस्तान से पाक को निश्चित रूप से हाथ धोना पड़ जाएगा। दरअसल इन दोनों क्षेत्रों के नागरिक खुद आगे आकर पाकिस्तानी आर्मी को खदेड़ डालेंगे। वहां की जनता और विभिन्न संगठन सिर्फ मौके की तलाश में है। यह अवसर उन्हें भारत द्वारा आक्रमण करने पर आसानी से मिल जाएगा।

उधर, रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख के बयानों के बाद pakistan की तिलमिलाहट सामने आई है। पाक आर्मी ने बयान दिया है कि भविष्य में कोई भी संघर्ष विनाश का कारण बन सकता है। इसके दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी गीदड़भभकी देने से पीछे नहीं रहे हैं। आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि पाकिस्तान अल्लाह के नाम पर बना एक देश है, हमारे रक्षक अल्लाह के सिपाही हैं। इस बार इंशाअल्लाह, भारत अपने विमानों के मलबे के नीचे दब जाएगा। इस बीच कुछ अहम सवाल उठने लगे हैं। क्या india pakistan एक और conflict के मुहाने पर खड़े हो गए हैं? क्या पाकिस्तान के समूल नाश का समय नजदीक है?

बोया पेड़ बबूल का, आम कहां से आएं; क्या पाकिस्तान का अंत शुरू

क्या मोदी सरकार नया इतिहास रचने की ओर अग्रसर है? भविष्य में क्या होगा, यह किसी को नहीं मालूम, मगर दो परमाणु संपन्न राष्ट्रों के मध्य तीखी होती जुबानी जंग ने पूरी दुनिया की चिंता जरूर बढ़ाई है। पाकिस्तान कभी सुधरेगा, इसकी कोई गुंजाइश नहीं है। आतंकवाद से वह मुंह मोड़ेगा, यह भी संभव नहीं है।

अलबत्ता उसे ऐसा सबक सिखाने की जरूरत है, जो आतंकवाद प्रायोजित सभी मुल्कों के लिए एक नजीर बन सके। चीन, बांग्लादेश, अमेरिका, तुर्की व सऊदी अरब जैसे देशों के उकसावे में आकर वह अपने पांव पर कुल्हाड़ी मारने पर आमादा है। पाकिस्तान का स्थायी इलाज करने के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के आक्रामक बयान ‘मिट्टी में मिला देंगे’ की डोज उसे देनी ही होगी।

Related Articles

Back to top button