ऑपरेशन सिंदूर से सेना ने क्या सीखा, जनरल द्विवेदी ने बयां की पूरी कहानी
Operation Sindoor Lessons: भारतीय फौज के मुखिया जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिली रणनीतिक सफलताओं पर प्रकाश डाला। मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन से भारतीय सेना ने बहुत कुछ सीखा है और अपनी तैयारियों को निरंतर बेहतर किया है। उनका कहना था कि हमने ऑपरेशन सिंदूर से यह साबित किया कि हमारी फौज किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
जनरल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन के बाद सरहद पार आतंकी गतिविधियों में कमी आई है, मगर अभी भी कुछ आतंकी संगठन सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि हमारी फौज पूरी तरह से सतर्क है। सरहद के पार अभी भी आठ आतंकी शिविर सक्रिय हैं और आतंकियों के नेटवर्क में कोई कमी नहीं आई है।
हाल ही में जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी ड्रोन गतिविधियों को लेकर सवाल उठे थे। इस पर जनरल द्विवेदी ने बताया कि भारतीय सेना ने इन ड्रोन की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया है।
उनका कहना था कि हमने देखा कि ये छोटे ड्रोन हैं जो ज्यादातर जासूसी करने के लिए भेजे गए थे। हालांकि, भारतीय फौज की पूरी तैयारी ने इन ड्रोन की गतिविधियों को सीमित कर दिया है। अब पाकिस्तान को अपनी किसी भी रणनीति को अमल में लाने में मुश्किलें आ रही हैं।
ऑपरेशन सिंदूर से मिली अहम सीख
सेना प्रमुख ने मीडिया में चल रहे नैरेटिव वारफेयर पर भी चर्चा की। उनका कहना था कि ऑपरेशन सिंदूर से ये महत्वपूर्ण सीख मिली कि हर खबर की विश्वसनीयता और निरंतरता सुनिश्चित करनी चाहिए। जनरल द्विवेदी ने कहा कि यदि किसी खबर में कोई कमी रह जाती है तो वो नकारात्मकता को जन्म देती है और यह हमारी स्थिति को कमजोर कर सकती है।
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ट्विटर हैंडल्स को बंद करने की वजह
जनरल द्विवेदी ने यह भी बताया कि कैसे भारतीय सेना ने अपने ट्विटर हैंडल्स को बंद किया। उनका कहना था कि ये कदम नैरेटिव कंट्रोल के तहत लिया गया था। हमने देखा कि कुछ ट्विटर हैंडल्स से गलत जानकारी फैलने लगी थी, इसलिए हमने सिर्फ एडीजी स्ट्रेटकॉम को ही सत्य का स्रोत बनाने का निर्णय लिया। इससे हमारी विश्वसनीयता में सुधार हुआ।



