रविवार को तुलसी को जल क्यों नहीं चढ़ाना चाहिए
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Tulsi plant: आजकल हर घर में तुलसी का पौधा दिख जाता है। सुबह शाम आरती होती है। जल चढ़ता है। मगर एक दिन ऐसा आता है जब तुलसी माता को पानी छूना भी पाप माना जाता है। जी हां हम बात कर रहे हैं रविवार की।
मान्यता है कि हर रविवार को माता तुलसी विष्णु जी के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। पूरा दिन बिना जल ग्रहण किए व्रत करती हैं। ऐसे में अगर हम गलती से भी तुलसी को जल चढ़ा दें तो उनका व्रत टूट जाता है। व्रत टूटने से माता नाराज हो जाती हैं और घर में सुख शांति पर बुरा असर पड़ सकता है।
पुराने लोग बताते हैं कि रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है। इस दिन तुलसी में जल डालने से सूर्य और विष्णु जी के बीच तनाव पैदा होता है। इसलिए हमारे बुजुर्ग साफ मना करते थे।
तो सवाल ये उठता है कि रविवार को करें क्या?
बहुत आसान है। बस जल की जगह दीपक जला दें। घी या तेल का दीपक तुलसी के सामने प्रज्वलित करें। धूप बत्ती दिखाएं। फूल चढ़ाएं। इससे माता तुलसी प्रसन्न होती हैं और व्रत भी नहीं टूटता।
एक खास मंत्र भी है जो इस दिन बहुत फलदायी माना जाता है – “ओम सूर्याय नमः”। इसे 11, 21 या 108 बार जप लें। सूर्य देव और तुलसी माता दोनों की कृपा एक साथ मिलती है।
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याद रखें – रविवार के अलावा भी कुछ दिन तुलसी को जल नहीं चढ़ाया जाता। जैसे हर एकादशी, मंगलवार और चंद्र ग्रहण के दौरान। बाकी सारे दिन आप आराम से जल चढ़ा सकते हैं।
तो अगले रविवार से ये छोटी सी गलती बिल्कुल न करें। दीपक जलाएं। मंत्र जपें। और तुलसी माता का आशीर्वाद पूरा लें। ये जानकारी हमारी प्राचीन धार्मिक किताबों और बड़ों के अनुभव पर आधारित है। घर के बड़े बुजुर्गों से भी एक बार जरूर पूछ लें।



