बुरी ऊर्जा दूर कर घर में खुशहाली लाता है ये पेड़, राम मंदिर के ध्वज पर भी है इसकी फोटो

अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर में जो भव्य ध्वज फहराया गया उस पर ओम, सूर्य और कोविदार वृक्ष का चित्र बना है। यही कोविदार वह पवित्र वृक्ष है जिसे ऋषि कश्यप ने मंदार और पारिजात को मिलाकर तैयार किया था। देवताओं के पिता कहे जाने वाले ऋषि कश्यप का बनाया यह वृक्ष इसलिए देव वृक्ष माना जाता है। घर में इसे लगाना सौभाग्य और समृद्धि का संकेत माना जाता है।
सकारात्मक ऊर्जा का खजाना है कोविदार
मान्यता है कि कोविदार का पेड़ जहां लगता है वहां नकारात्मकता दूर रहती है। घर में खुशहाली आती है और परिवार के लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। पौराणिक ग्रंथों में भी इसे बेहद शुभ बताया गया है। अब जब राम मंदिर के ध्वज पर इसे जगह मिली है तो लोग इसे अपने घर-आंगन में लगाने के लिए और उत्साहित हो गए हैं।
सबसे अच्छी दिशा कौन सी
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार कोविदार को घर की पूर्व दिशा में लगाना सबसे फायदेमंद है। यह सूर्य की दिशा होने से सकारात्मक ऊर्जा और अच्छी सेहत देता है। अगर जगह नहीं है तो उत्तर दिशा भी उत्तम रहेगी। उत्तर दिशा से धन और समृद्धि का प्रवाह बढ़ता है। इस दिशा में पेड़ लगाने से आर्थिक तंगी दूर होती है।
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लगाते वक्त रखें इन बातों का ध्यान
पेड़ को दीवार से थोड़ी दूरी पर लगाएं क्योंकि यह बड़ा हो जाता है। मुख्य गेट के ठीक सामने कभी न लगाएं। वास्तु में प्रवेश द्वार पर पेड़ या खंभा होना दोष माना जाता है। हमेशा साफ-सुथरा रखें और नियमित पानी देते रहें। हरा-भरा पेड़ ही शुभ फल देता है। अगर पत्ते सूखने लगें या पेड़ मुरझा जाए तो तुरंत हटा दें। सूखा पौधा घर में नकारात्मकता लाता है।



