राम-भरत मिलाप ने दर्शकों को किया भावुक, रामलीला में खर-दूषण वध का मंचन

गाजियाबाद। संजय नगर सेक्टर-23 स्थित श्री आदर्श धार्मिक रामलीला कमेटी में शुक्रवार रात भक्तिभाव से परिपूर्ण रामलीला का मंचन किया गया। इस दौरान राम-भरत मिलाप, शूर्पणखा प्रसंग और खर-दूषण वध की लीला का सजीव मंचन किया गया। राम-भरत मिलाप के भावुक दृश्य देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
लीला की शुरुआत भगवान श्रीराम के वन गमन के बाद भरत जी के चित्रकूट पहुंचने के प्रसंग से हुई। यहां भरत जी ने प्रभु श्रीराम से अयोध्या लौटने का आग्रह किया, लेकिन पिता के वचन का पालन करने के लिए श्रीराम ने वन में ही रहने का निर्णय लिया। इसके बाद भरत जी भगवान श्रीराम की चरण पादुकाएं लेकर अयोध्या लौट गए।
इसके पश्चात पंचवटी में शूर्पणखा प्रसंग का मंचन हुआ। शूर्पणखा ने श्रीराम और लक्ष्मण जी के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। उसके बार-बार समझाने पर भी न मानने और माता सीता पर आक्रमण का प्रयास करने पर लक्ष्मण जी ने उसकी नाक काट दी। अपमानित शूर्पणखा अपने भाइयों खर और दूषण को विशाल सेना के साथ लेकर पहुंची। इसके बाद हुए भीषण युद्ध में प्रभु श्रीराम ने खर-दूषण का वध कर दिया।
रामलीला के इन प्रसंगों ने दर्शकों को धर्म, मर्यादा और त्याग का संदेश दिया। सजीव अभिनय देखने के लिए देर रात तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।



