लाल किला ब्लास्ट सिर्फ ट्रेलर था; 4 शहरों को दहलाने की थी ‘आतंकी चौकड़ी’ की साज़िश, पढ़िये अंदर का पूरा प्लान

दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए भयानक कार ब्लास्ट ने 12 जिंदगियां लील लीं। इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही जाँच एजेंसियां चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। अब जाकर कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जो बताते हैं कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं था बल्कि एक बहुत बड़े आतंकी साज़िश की शुरुआत थी।
जाँच अधिकारियों के मुताबिक, आठ संदिग्ध एक बेहद खतरनाक प्लानिंग से आतंकी हमले की तैयारी में थे। इनकी प्लानिंग थी कि देश के चार अलग-अलग शहरों को एक साथ दहलाया जाए। इस बड़े हमले की ज़िम्मेदारी हर शहर के लिए दो-दो लोगों की एक जोड़ी को दी गई थी। यानी चार चौकड़ियों में यह काम बंटा हुआ था।
टाइम-बम बनाने का सामान और कोडवर्ड
शुरुआती जाँच में पता चला है कि ये सभी आरोपी जोड़े बनाकर काम कर रहे थे। उनके पास इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज (IEDs) का बड़ा जखीरा था। उनकी योजना थी कि इन सभी बमों को एक ही समय पर विस्फोट कर देश में दहशत फैलाई जाए।
जिन नामों पर शक की सुई घूम रही है, उनमें से कुछ पुराने आतंकी मामलों से भी जुड़े हुए हैं। इनमें डॉ. मुजम्मिल, डॉ. आदिल, डॉ. उमर, और शाहीन शाहिद जैसे नाम शामिल हैं।
ऑपरेशन खर्च 20 लाख, 20 क्विंटल खाद
पुलिस सूत्रों की मानें तो दिल्ली पुलिस ने समय रहते एक बहुत बड़ी साज़िश को नाकाम कर दिया है। अगर ये आरोपी सफल हो जाते तो देश के कई शहर सिलसिलेवार बम धमाकों से दहल जाते।
जाँच में खुलासा हुआ है कि इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए संदिग्धों ने करीब 20 लाख रुपये की रकम जमा की थी। यह पैसा ‘ऑपरेशनल खर्च’ के लिए उमर को सौंपा गया था। इस रकम का एक बड़ा हिस्सा एनपीके फर्टिलाइजर यानी नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम वाली खाद खरीदने में खर्च हुआ।
दो साल से चल रही थी धमाके की प्लानिंग, जानें और क्या खुलासा हुआ
आरोपियों ने लगभग 3 लाख रुपये में गुरुग्राम, नूंह और आस-पास के इलाकों से 20 क्विंटल खाद खरीदी थी। इस खाद का इस्तेमाल IEDs बनाने में किया जाना था। इतना ही नहीं जाँचकर्ताओं ने यह भी पता लगाया है कि उमर ने अपनी गतिविधियों का तालमेल बिठाने के लिए ‘सिग्नल’ एप पर दो से चार सदस्यों का एक सीक्रेट ग्रुप बनाया था। यह ग्रुप सिर्फ सुरक्षित बातचीत के लिए इस्तेमाल हो रहा था।


