आपके किचन में छिपी हैं ये 5 चीजें, जो धीरे-धीरे दे रही हैं कैंसर को दावत

reasons for cancer: हमारे शरीर की हज़ारों कोशिकाएँ लगातार बढ़ती और मरती रहती हैं। सामान्य परिस्थितियों में ये प्रक्रिया संतुलित रहती है, मगर कैंसर में यही सिस्टम बिगड़ जाता है। इस बीमारी में कुछ कोशिकाएँ असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकती हैं।
हालांकि कैंसर की वजह कई होती हैं, मगर हमारे किचन में इस्तेमाल होने वाली कुछ साधारण चीज़ें भी इस बीमारी का खतरा बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर रवि कुमार गुप्ता ने कुछ ऐसे रोज़मर्रा के आइटम्स की जानकारी दी है जिनका उपयोग सावधानी से करना चाहिए।
1. किचन स्पंज: साफ-सफाई में खतरा
किचन में बर्तन धोने के लिए इस्तेमाल होने वाला स्पंज जल्दी ही हानिकारक साबित हो सकता है। इसमें माइक्रोप्लास्टिक मौजूद होते हैं जो खाना बनाने में जा सकते हैं। डॉक्टर का सुझाव है कि स्पंज के बजाय सूती कपड़े का इस्तेमाल करें और इस्तेमाल के बाद उन्हें अच्छी तरह धूप में सुखाएँ।
2. प्लास्टिक के स्पैचुला: आकर्षक मगर जोखिम भरे
काले रंग के स्पैचुला अक्सर सुंदर दिखते हैं और सर्विंग के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। मगर इनके काले कोटिंग में कैंसर पैदा करने वाले केमिकल्स हो सकते हैं। इनका खाना में मिलना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है।
3. प्लास्टिक कटिंग बोर्ड: माइक्रोप्लास्टिक का स्रोत
प्लास्टिक बोर्ड पर सब्ज़ी या फल काटने से हर साल लाखों माइक्रोप्लास्टिक टूटकर खाने में शामिल हो सकते हैं। इसके बजाय स्टील या लकड़ी के बोर्ड का उपयोग करना सुरक्षित विकल्प है।
4. कुकर की रबर: खाना पकाने में खतरा
कुकर में प्रेशर बनाने के लिए रबर का इस्तेमाल होता है। तेज़ गर्मी और दबाव में यह रबर पिघलकर खाने में मिल सकता है। इसके लिए प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाली रबर का इस्तेमाल करें।
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5. प्लास्टिक की बोतल: बार-बार उपयोग से नुकसान
प्लास्टिक की बोतलें आमतौर पर एक ही बार इस्तेमाल के लिए बनाई जाती हैं। इन्हें बार-बार इस्तेमाल करने से बारीक दरारें पड़ जाती हैं जिसमें हानिकारक बैक्टीरिया और फंगस जमा हो सकते हैं। इससे न सिर्फ कैंसर बल्कि अन्य कई स्वास्थ्य समस्याएँ भी हो सकती हैं।



