क्या आप भी चौखट पर जलाते हैं दीया, जान लें ये 5 जरूरी नियम, वरना उल्टा पड़ सकता है असर
Diya Lighting Mistakes : सूर्यास्त के बाद हर रोज दीया जलाने से घर में सकारात्मकता का संचार होता है। इसे एक आदत के रूप में अपनाने से घर में लक्ष्मी का वास भी माना जाता है। कई लोग इस परंपरा का पालन करते हुए घर की चौखट पर भी दीया जलाते हैं, जिससे घर का माहौल पवित्र और शांत बना रहता है। इस आदत से ना सिर्फ मानसिक शांति मिलती है बल्कि घर में समृद्धि भी आती है।
दीया जलाने की सही विधि जानिए
हालांकि, दीया जलाने की प्रक्रिया में कुछ खास नियम होते हैं जिन्हें जानना जरूरी है। सही दिशा, साफ-सफाई और दीया जलाने का वक्त जैसे पहलू महत्वपूर्ण होते हैं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए यह क्रिया अधिक प्रभावशाली बनती है।
1. स्वच्छता का ध्यान रखें
दीया जलाने से पहले उस स्थान की सफाई करना अत्यंत आवश्यक है। गंदगी से भरे स्थान पर दीया जलाना अशुभ माना जाता है। इसलिए, अगर आप यह परंपरा घर में निभाना चाहते हैं तो सबसे पहले उस स्थान की साफ-सफाई पर ध्यान दें। यही आदत घर में नकारात्मकता को रोकने में सहायक बनती है।
2. सूर्यास्त के बाद दीया जलाएं
खासकर सूर्यास्त के बाद दीया जलाने का महत्व है। इस वक्त को ‘प्रदोष काल’ कहा जाता है और इस दौरान दीया जलाने से घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। हालांकि, रात के वक्त यह क्रिया कुछ विशेष अवसरों पर ही करनी चाहिए, क्योंकि सामान्यत: रात में दीया जलाना वर्जित माना जाता है।
3. घी या तेल: क्या है सही विकल्प?
दीया जलाने के लिए घी और तेल का चुनाव भी महत्वपूर्ण है। यदि आप अपने घर के मंदिर में दीया जलाने जा रहे हैं, तो घी का प्रयोग करना शुभ होता है। वहीं, तुलसी के पास या घर के बाहर दीया जलाने के लिए सरसों तेल या तिल तेल का इस्तेमाल करना उत्तम माना जाता है।
4. दीया की दिशा का ध्यान रखें
वास्तु शास्त्र के अनुसार दीया जलाने की दिशा का भी बड़ा महत्व है। दीया हमेशा ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) की ओर जलाना चाहिए। यह दिशा विशेष रूप से सुख, समृद्धि और शांति के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिशा में जलाए गए दीये से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर का माहौल खुशहाल बनता है।
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5. साफ हाथों से दीया जलाएं
दीया जलाते वक्त यह सुनिश्चित करें कि आपके हाथ साफ हों। गंदे हाथों से दीया जलाने से घर में नकारात्मकता का प्रवेश हो सकता है। साथ ही, दीया जलाने के बाद उसे फूंक मारकर बुझाना गलत माना जाता है। हमेशा ध्यान रखें कि दीया जलाने के बाद उसका प्रज्वलित होना जरूरी है और उसे जल्दबाजी में बुझाना नहीं चाहिए।



