UPI फ्री है तो Google Pay, PhonePe और Paytm कैसे कमाते हैं करोड़ों
How UPI Apps Earn: जब आप किसी बैंक ऐप से IMPS के ज़रिए पैसे भेजते हैं, तो बैंक आपसे सर्विस फ़ीस लेता है। लेकिन, Google Pay, PhonePe या Paytm से किए गए UPI पेमेंट पूरी तरह से फ़्री हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर ये कंपनियाँ कस्टमर्स से एक भी रुपया नहीं लेतीं, तो उन्हें हज़ारों करोड़ का रेवेन्यू कहाँ से मिलता है?
अगर आप नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करके पैसे ट्रांसफ़र करते हैं, तो बैंक अमाउंट के हिसाब से फ़ीस लेते हैं। जैसे, SBI 2 से 10 रुपये प्लस GST लेता है। लेकिन UPI को लेकर सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए इसे फ़्री रखने का निर्देश दिया है।
इन कंपनियों का बिज़नेस मॉडल सिर्फ़ पैसे भेजने तक ही सीमित नहीं है। इनकी कमाई के मुख्य तरीके इस तरह हैं:
साउंड बॉक्स रेंटल: दुकानों में आपको छोटे स्पीकर दिखते हैं जिन पर ‘Paytm Karo’ या ‘PhonePe’ लिखा होता है। दुकानदार इन कंपनियों को इस डिवाइस के लिए हर महीने एक तय रेंटल देते हैं। भारत में 30 लाख से ज़्यादा दुकानों में यह सिस्टम है, जिससे ये कंपनियाँ हर साल करोड़ों रुपये कमाती हैं।
फाइनेंशियल सर्विसेज़: ये ऐप्स सिर्फ़ पेमेंट के लिए नहीं हैं, ये इंश्योरेंस, लोन, रिचार्ज, गैस बुकिंग और म्यूचुअल फंड बेचने के लिए भी प्लेटफॉर्म का काम करते हैं। इन सर्विसेज़ को बेचने पर उन्हें बैंकों और इंश्योरेंस कंपनियों से भारी कमीशन मिलता है।
ब्रांड प्रमोशन और एडवर्टाइज़मेंट
जब आप ‘स्क्रैच कार्ड’ जीतते हैं, तो आपको एक ब्रांड का कूपन कोड मिलता है। यह एक तरह का एडवर्टाइज़िंग का तरीका है, जिसके लिए ब्रांड इन पेमेंट कंपनियों को भारी रकम देते हैं।
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बिल पेमेंट कमीशन
इन कंपनियों को मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल, गैस सिलेंडर बुकिंग जैसी सर्विसेज़ पर ऑपरेटर्स से कमीशन मिलता है।



