अब 125 दिन की रोजगार गारंटी, जानें VB-G RAM G बिल से ग्रामीण इलाकों को कैसे होगा फ़ायदा

भारत सरकार ने हाल ही में मंज़ूर VB-G RAM G बिल 2025 के तहत ग्रामीण रोज़गार और आजीविका की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इस बिल के लागू होने से राज्यों को फंड के बंटवारे में काफ़ी फ़ायदा होगा और ग्रामीण परिवारों के लिए रोज़गार गारंटी भी बढ़ेगी। SBI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बिल के नए फ़ाइनेंशियल स्ट्रक्चर से राज्यों को कुल मिलाकर लगभग Rs 17,000 करोड़ का फ़ायदा होने की संभावना है।
राज्यों को क्या फ़ायदा होगा
SBI की रिपोर्ट में कहा गया है कि नए VB-G RAM G एक्ट के तहत केंद्र और राज्यों के बीच फंड का हिस्सा 60:40 तय किया गया है। कुछ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इससे राज्यों पर फ़ाइनेंशियल दबाव पड़ सकता है, मगर SBI ने साफ़ किया है कि ऐसा नहीं होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बदलाव से राज्यों को पिछले सात सालों के औसत बंटवारे के मुकाबले लगभग Rs 17,000 करोड़ का फ़ायदा होगा। इसमें से सिर्फ़ दो राज्यों को मामूली नुकसान हुआ है, जिसे बहुत कम माना जाता है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र उन राज्यों में शामिल हैं जिन्हें सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ है, जबकि बिहार, छत्तीसगढ़ और गुजरात भी बड़े फ़ायदेमंद रहे हैं।
रोज़गार गारंटी में बढ़ोतरी
VB-G RAM G बिल के तहत, ग्रामीण परिवारों को अब हर साल 125 दिन का रोज़गार पक्का किया जाएगा, जो पहले 100 दिन था। यह रोज़गार उन वयस्क सदस्यों को मिलेगा जो बिना स्किल वाला शारीरिक काम करने को तैयार हैं। इस बदलाव से ग्रामीण इलाकों में आर्थिक सुरक्षा और रोज़गार के मौके बढ़ेंगे। बिल का मकसद रोज़गार के बंटवारे में बराबरी और कुशलता दोनों बनाए रखना है।
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राज्यों का योगदान और फ़ायदे बढ़ाने के उपाय
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यों को अपने 40 प्रतिशत हिस्से का सही इस्तेमाल करके अतिरिक्त फ़ायदे पाने का मौका मिलेगा। नए क्राइटेरिया के तहत फंड का बंटवारा ज़्यादा ट्रांसपेरेंट और बैलेंस्ड होगा, ताकि विकसित और पिछड़े, दोनों राज्यों को बराबर फ़ायदा हो सके। SBI ने कहा है कि अगर इवैल्यूएशन की ठीक से जांच की जाए तो यह साफ़ है कि यह नया फंडिंग सिस्टम राज्यों के लिए फ़ायदेमंद है।



