चिलचिलाती धूप में भी आ सकता है हार्ट अटैक, इन 3 इशारों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

heart attack early symptoms: गर्मी या ठंड, किसी भी मौसम में हार्ट अटैक हो सकता है। मगर गर्मियों में यह खतरा अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ सर्दियों में ही दिल की बीमारी नहीं आती, बल्कि तेज धूप और गर्मी के समय भी दिल पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में आम लोग समझ नहीं पाते कि अचानक कमजोरी या चक्कर आना दिल से जुड़ा गंभीर संकेत हो सकता है।

गर्मी में क्यों बढ़ता है दिल का दबाव

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सरिता राव बताती हैं कि गर्मियों में शरीर के पानी की कमी और शारीरिक मेहनत सीधे दिल पर असर डालती है। जब शरीर हाइड्रेट नहीं रहता, तो ब्लड सर्कुलेशन पर दबाव बढ़ता है। पसीने के माध्यम से इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी हार्ट के लिए खतरा बन सकती है।

किन संकेतों पर रहें सतर्क

1. लो ब्लड प्रेशर

गर्मियों में ब्लड वेसेल्स फैलने से ब्लड प्रेशर गिर सकता है। अगर आपको निरंतर थकान, चक्कर या कमजोरी महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में न लें। समय पर डॉक्टर से जांच जरूरी है।

2. इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी

अत्यधिक पसीना सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी तत्वों को कम कर देता है। यह असंतुलन दिल की धड़कनों को प्रभावित कर सकता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है।

3. डिहाइड्रेशन और सीने में दर्द

पानी की कमी या शरीर का अधिक काम करना हीट स्ट्रोक का कारण बन सकता है। इससे खून गाढ़ा हो सकता है और दिल पर दबाव बढ़ता है। बार-बार सीने में दर्द महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

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गर्मी में दिल की सुरक्षा कैसे करें

  • पर्याप्त पानी पिएं, नारियल पानी या जूस लेना फायदेमंद है।
  • तेज धूप में बाहर जाएं तो सिर और शरीर को ढकें।
  • ज्यादा पसीना आने पर छांव में आराम करें।
  • गर्मियों में शराब कम करें, यह दिल और लिवर दोनों के लिए हानिकारक है।
  • कमजोर दिल और बीपी वाले मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

गर्मी के मौसम में दिल को सुरक्षित रखने के लिए समय पर हाइड्रेशन, सही पोषण और लक्षणों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

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