डाबर इंडिया के सीएसआर सहयोग से शुरू हुआ ‘अमृत कूप’ अभियान, बारिश का पानी पहुंचाया जाएगा कुओं तक

गाजियाबाद। जनपद में गिरते भूजल स्तर को सुधारने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने ‘अमृत कूप’ अभियान शुरू किया है। मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और पूर्वा फाउंडेशन की पहल पर डाबर इंडिया लिमिटेड के सीएसआर सहयोग से 10 पुराने कुओं का पुनर्जीवन किया जाएगा। परियोजना पर करीब 20 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
विकास भवन स्थित मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में इस संबंध में डाबर इंडिया लिमिटेड, जिला प्रशासन और पूर्वा फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। प्रत्येक कुएं के पुनर्जीवन पर लगभग दो लाख रुपये खर्च होंगे। अभियान का उद्देश्य बंद और अनुपयोगी हो चुके पारंपरिक जल स्रोतों को फिर से उपयोगी बनाकर वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देना है।
इन गांवों में विकसित होंगे अमृत कूप
परियोजना के तहत सुराना, रावली, दिदौली, दबाना, चुड़ियाला, फरीदनगर में दो कुएं, फफराना, सारा और सहजनपुर में पुराने कुओं का पुनर्जीवन प्रस्तावित है। इसके लिए कुओं की सफाई, मरम्मत और संरचनात्मक सुधार किए जाएंगे। साथ ही आधुनिक वर्षा जल संचयन प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे आसपास के मकानों की छतों से बारिश का पानी पाइप के माध्यम से फिल्टर चैंबर तक पहुंचेगा। फिल्टर होने के बाद पानी कुओं में पहुंचाया जाएगा, जिससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी। तकनीकी कार्यों में भूगर्भ जल विभाग सहयोग करेगा।
200 तालाबों का हो चुका जीर्णोद्धार
मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ के अनुसार, जनपद में अब तक करीब 800 तालाब चिह्नित किए गए हैं, जिनमें लगभग 200 का जीर्णोद्धार कराया जा चुका है। मनरेगा योजना संचालित नहीं होने के कारण तालाबों के पुनर्जीवन के लिए औद्योगिक संस्थानों के सीएसआर फंड और कंपनियों के भूजल पुनर्भरण संबंधी दायित्वों का सहयोग लिया जा रहा है। अमृत कूप अभियान के तहत करीब 180 पुराने कुएं भी चिह्नित किए गए हैं। शुरुआती चरण में दो कुओं को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया गया था।
कुमार सौरभ ने कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित कर वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रशासन बंद बोरवेलों को भी चिह्नित कर उनकी तकनीकी उपयुक्तता के आधार पर पुनर्भरण के लिए उपयोग करने की संभावनाएं तलाशेगा। कार्यक्रम में डाबर इंडिया के सीएसआर हेड व्यास आनंद, पूर्वा फाउंडेशन के संस्थापक रोहित सांगवान, भूगर्भ जल विभाग की नोडल अधिकारी सृष्टि जायसवाल सहित संबंधित अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।



