पुरुषों के लिए वरदान हैं इमली के सूखे बीज, डॉक्टर ने बताया ताकत बढ़ाने का अनोखा तरीका

Benefits of tamarind: अक्सर लोग इमली का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए करते हैं। इमली खाने के बाद उसके बीजों को कचरे में फेंक दिया जाता है। लेकिन आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का कहना है कि जिन बीजों को आमतौर पर बेकार समझा जाता है उनमें कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

आयुर्वेदिक डॉक्टर रॉबिन शर्मा के अनुसार इमली के बीजों में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, पॉलीसेकेराइड, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फास्फोरस, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर ये शरीर की कई समस्याओं में मददगार साबित हो सकते हैं।

इमली की दो प्रमुख किस्में

विशेषज्ञ बताते हैं कि इमली मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है। पहली देसी इमली जो बाजार में आसानी से मिल जाती है। दूसरी पहाड़ी इमली जो पर्वतीय इलाकों में पाई जाती है। पहाड़ी इमली के बीज सामान्य बीजों की तुलना में बड़े होते हैं। हालांकि दोनों प्रकार के बीज उपयोगी माने जाते हैं।

पाचन तंत्र को मिल सकता है फायदा

इमली के बीजों का पाउडर बनाकर सेवन करने से पाचन प्रक्रिया बेहतर हो सकती है। आयुर्वेद के अनुसार यह गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक माना जाता है।

जोड़ों के दर्द में राहत की संभावना

गठिया या जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों के लिए भी इमली के बीज उपयोगी बताए जाते हैं। इसके बीजों को पीसकर तैयार लेप प्रभावित हिस्से पर लगाने की सलाह दी जाती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद

विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स की मौजूदगी के कारण इमली के बीज शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं। कई लोग इसका चूर्ण बनाकर या पानी में मिलाकर सेवन करते हैं।

वजन कम करने वालों के लिए भी उपयोगी

फाइबर से भरपूर होने के कारण इमली के बीज वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें मौजूद कुछ तत्व शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद कर सकते हैं।

पुरुष स्वास्थ्य से भी जुड़ा दावा

डॉक्टर रॉबिन शर्मा के मुताबिक इमली के बीजों में ऐसे तत्व मौजूद हो सकते हैं जो पुरुषों की शारीरिक क्षमता और स्पर्म काउंट बढ़ाने में सहायक हों। साथ ही यह शरीर को ऊर्जा देने का काम भी कर सकते हैं।

त्वचा संबंधी समस्याओं में इस्तेमाल

त्वचा रोगों में भी इमली के बीजों के उपयोग का उल्लेख आयुर्वेद में मिलता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पाउडर को नींबू के साथ मिलाकर लगाने से कुछ त्वचा संबंधी परेशानियों में राहत मिल सकती है।

फोड़ा-फुंसी की समस्या में घरेलू उपयोग

यदि फोड़ा या फुंसी बार-बार हो रही है तो इमली के बीजों के पाउडर को कपड़े में बांधकर हल्का गर्म किया जा सकता है। इसके बाद प्रभावित जगह पर सिकाई करने की सलाह दी जाती है।

घर पर कैसे तैयार करें इमली के बीज का पाउडर

सबसे पहले इमली के बीजों को एक से दो दिन तक धूप में अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद बीजों को तोड़कर अंदर मौजूद सफेद गिरी निकाल लें। इसी गिरी को पीसकर पाउडर तैयार किया जाता है। बाहरी कठोर परत को हटाया जा सकता है।

सेवन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

इमली के बीजों के कई संभावित फायदे बताए जाते हैं लेकिन अधिक मात्रा में सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है।

ब्लड प्रेशर हो सकता है कम

ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर रक्तचाप अचानक कम हो सकता है जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है।

दवाओं के साथ बरतें सावधानी

यदि आप किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं तो इमली के बीजों का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सावधानी

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान इमली के बीजों का सेवन करने से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे मां और शिशु दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

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एलर्जी का खतरा

कुछ लोगों को इमली के बीजों से एलर्जी हो सकती है। यदि शरीर पर दाने, खुजली, लालपन या रैशेज दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

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