ganga expressway: मेरठ से प्रयागराज सिर्फ 6 घंटे में, जानें कैसे बदल रही है यूपी की किस्मत
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी सड़क परियोजनाओं में से एक है, जो मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी लंबी यात्रा को अब केवल 6 घंटे में पूरा करेगा। जानिए इस मेगा प्रोजेक्ट की लेटेस्ट अपडेट और इसके फायदे।

ganga expressway: यूपी में कनेक्टिविटी और यात्रा अनुभव को पूरी तरह बदलने वाला गंगा एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में है। न्यूज़24 की रिपोर्ट के अनुसार, इसका मुख्य सड़क खंड पूरा हो चुका है और अधिकांश सहायक सुविधाएं जैसे टोल प्लाज़ा, सर्विस रोड, डिस्प्ले बोर्ड और स्ट्रीट लाइटिंग भी लगभग तैयार हैं।
अफसरों ने जानकारी दी कि हर एक किलोमीटर पर सुरक्षा कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हालांकि बारिश के कारण कुछ हिस्सों में काम रुका था, मगर अब फिर से निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है।
12 जिलों और 518 गांवों को जोड़ेगा ये मेगा प्रोजेक्ट
ganga expressway पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज में खत्म होता है। इसका कुल लंबाई 594 किलोमीटर है और यह 12 ज़िलों और 518 गांवों से होकर गुजरता है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने आदेश दिया है कि 2 नवंबर 2025 तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं।
Dynastic politics in India: नेता की बेटी, बहू या पत्नी? यूपी की 42% महिला नेता कैसे बनीं पावरफुल
इसके बाद मेरठ से प्रयागराज की दूरी केवल 6 घंटे में तय की जा सकेगी, जो पहले 10-12 घंटे लगते थे। ganga expressway मेरठ, बुलंदशहर, अमरोहा, बदायूं, शाहजहाँपुर, हरदोई, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे प्रमुख जिलों को आपस में जोड़ेगा।
ग्रीनफील्ड डिज़ाइन और विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचा
यह एक्सप्रेसवे (ganga expressway route) पूरी तरह से ग्रीनफील्ड डिज़ाइन पर आधारित है। इसमें 6 लेन की सड़क बनाई गई है जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। अधिकतम गति सीमा 120 किमी/घंटा रखी गई है। इसके साथ ही-
- 2 मुख्य टोल प्लाज़ा (मेरठ और प्रयागराज)
- 15 रैंप टोल प्लाज़ा
- 14 बड़े पुल, 126 छोटे पुल
- 28 फ्लाईओवर
- 7 रेल ओवरब्रिज
- 929 पुलिया
- शाहजहाँपुर में 3.5 किमी लंबी एयरस्ट्रिप (इमरजेंसी के लिए)
इस एक्सप्रेसवे का मकसद सिर्फ ट्रैफिक को कम करना नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को एक नए विकास मॉडल की ओर ले जाना है।



