सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी: गिरफ्तार

इटावा। सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने के आरोप में साइबर सेल और ऊसराहार पुलिस की संयुक्त टीम ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपित युवाओं को उत्तर प्रदेश पुलिस, होमगार्ड,रेलवे पुलिस, भारतीय सेना और लखनऊ स्थित एसजीपीजीआईएमएस में फार्मासिस्ट की नौकरी दिलाने का भरोसा देता था। इसके एवज में फाइल शुल्क और अन्य खर्च के नाम पर रकम अपने बैंक खातों में जमा कराता था।

गिरफ्तार आरोपित की पहचान नवल किशोर पुत्र रामस्वरूप,निवासी नगला विजयी,भरथना, उम्र करीब 36 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी नियुक्ति पत्र,सरकारी विभागों की कथित फर्जी मुहरें,बैंक चेकबुक,चेक,एटीएम कार्ड,आधार कार्ड,पैन कार्ड,ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल फोन,सिम कार्ड, 10 हजार रुपये नकद और अपाचे बाइक बरामद करने का दावा किया है।

सात लाख मांगे,दो लाख ऑनलाइन लेने का आरोप

पुलिस के अनुसार ऊसराहार थाना क्षेत्र के अलीपुरा निवासी शिशुपाल सिंह ने 13 सितंबर को शिकायत दी थी कि नवल किशोर ने लखनऊ सचिवालय में अच्छी पहचान होने का दावा करते हुए एसजीपीजीआईएमएस में फार्मासिस्ट की नौकरी लगवाने के लिए सात लाख रुपये मांगे। आरोप है कि फाइल शुल्क और अन्य खर्च के नाम पर करीब दो लाख रुपये ऑनलाइन खाते में जमा करा लिए गए। शेष रकम नौकरी लगने के बाद देने की बात कही गई थी।

विभिन्न विभागों में नौकरी का दिया झांसा

जांच में पुलिस ने अन्य लोगों से भी रकम लिए जाने की बात कही है। पुलिस के मुताबिक गांव के पास रहने वाले राहुल कुमार से उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर 50 हजार रुपये और रानी देवी पत्नी बृजेश कुमार से होमगार्ड में भर्ती कराने के नाम पर 50 हजार रुपये लिए गए। वहीं कन्नौज के अतरौली निवासी अर्जुन सिंह से एसजीपीजीआईएमएस में फार्मासिस्ट की नौकरी के नाम पर 80 हजार रुपये लेने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार आरोपित ने बाद में एसजीपीजीआईएमएस के निदेशक के कथित फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगे नियुक्ति पत्र भी भेजे। वहीं होमगार्ड परीक्षा में असफल रानी देवी को उत्तीर्ण दिखाने वाला कथित फर्जी दस्तावेज भी भेजे जाने की बात सामने आई है।

चेकिंग में पकड़ा आरोपित

शिकायत के आधार पर ऊसराहार थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार 14 सितंबर की सुबह करीब 9 बजे मुखबिर की सूचना पर भरथिया अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान नवल किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया।

तलाशी में पुलिस ने उसके पास से आधार कार्ड,पैन कार्ड,ड्राइविंग लाइसेंस,केनरा बैंक की चेकबुक,एचडीएफसी बैंक के दो चेक,तीन एटीएम कार्ड,मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए।

फर्जी मुहर,नियुक्ति पत्र भी बरामद

पुलिस ने एसजीपीजीआईएमएस लखनऊ और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की कथित फर्जी मुहरें,फार्मासिस्ट पद के कूटरचित नियुक्ति पत्र, होमगार्ड परीक्षा परिणाम से संबंधित कथित फर्जी दस्तावेज,नौकरी के विज्ञापन और अन्य कागजात बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा 10 हजार रुपये नकद और अपाचे बाइक भी बरामद हुई।

भर्ती प्रक्रिया को बनी ठगी का जरिया

पुलिस की पूछताछ में आरोपित ने कथित तौर पर बताया कि वह पुलिस और होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया का फायदा उठाकर गांवों के युवाओं को नौकरी दिलाने का लालच देता था। फाइल शुल्क और अन्य खर्च के नाम पर रकम बैंक खाते में मंगाने के बाद कथित रूप से फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करता था।

पुलिस के मुताबिक नौकरी को लेकर बार-बार फोन आने पर आरोपित मोबाइल बंद कर देता या नंबर बदल लेता था। संदेह होने पर चेक देकर लोगों का भरोसा बनाए रखने की कोशिश करता था। पुलिस ने बरामद 10 हजार रुपये को भी कथित ठगी की रकम का हिस्सा बताया है।

पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे

पुलिस के अनुसार नवल किशोर के खिलाफ कन्नौज के सौरिख थाने में वर्ष 2024 में ठगी और विश्वासघात के दो मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा वर्ष 2020 में मारपीट, छेड़छाड़, दहेज उत्पीड़न और धमकी से संबंधित मुकदमा भी दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। वर्तमान मामले में ऊसराहार थाने में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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