स्टेशन का निर्माणाधीन पेयजल बूथ ढहा
पहली बारिश में ढहा पेयजल बूथ,गुणवत्ता पर उठे सवाल

जसवंतनगर,इटावा।दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर स्थित बलरई रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए बनाया जा रहा निर्माणाधीन पेयजल बूथ सोमवार को बारिश के दौरान अचानक भरभराकर गिर गया।
संयोग अच्छा रहा कि घटना से कुछ देर पहले ही 64587 कानपुर-टूंडला पैसेंजर ट्रेन उसी प्लेटफार्म से गुजर चुकी थी और वहां कोई यात्री मौजूद नहीं था। इससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार किसी कार्यदायी संस्था की ओर से स्टेशन के अप और डाउन दोनों प्लेटफार्मों पर चार पेयजल बूथ बनाए जा रहे हैं। सोमवार को हुई बारिश के दौरान अप प्लेटफार्म पर तैयार किया गया एक बूथ अचानक ढह गया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि बूथ बिना मजबूत नींव और बेस के खड़ा किया गया था। निर्माण में पुरानी ईंटों और घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया, जबकि पाइपलाइन फिटिंग भी पूरी कर दी गई थी और केवल रंग-रोगन का कार्य बाकी था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लेटफार्म पर तीन अन्य पेयजल बूथों का भी निर्माण चल रहा है, जिनकी गुणवत्ता भी संदेह के घेरे में है। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
स्टेशन अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि निर्माण किस संस्था द्वारा कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य से उनका कोई संबंध नहीं है। बूथ कुछ टेढ़ा बनाया गया था, जिस पर उन्होंने पहले ही आपत्ति दर्ज कराई थी। पहली ही बारिश में उसका गिर जाना निर्माण की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
हादसे के बाद प्लेटफार्म पर गिरे मलबे को हटाने का कार्य शुरू करा दिया गया। यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि घटना के समय प्लेटफार्म पर भीड़ होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बोले जिम्मेदार
प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) अमित सिंह ने बताया कि एसएससी फिरोजाबाद ने निरीक्षण के दौरान निर्माण में कमी पाए जाने पर बूथ को तोड़कर दोबारा निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। यदि बारिश के कारण वह पहले ही गिर गया है तो ठेकेदार से नियमानुसार पुनर्निर्माण कराया जाएगा।



