टूथपेस्ट में नींबू-सोडा मिलाना बंद कीजिए, ये 3 ‘देसी नुस्खे’ ले सकते हैं आपके दांतों की जान

Dental Care Myths: मोतियों जैसे चमकते दांत किसे नहीं पसंद? खूबसूरत मुस्कान से हमारा आत्मविश्वास भी कई गुना बढ़ जाता है। इसी चाहत में लोग इंटरनेट पर वायरल होने वाले तरह-तरह के वीडियो देखकर अपने दांतों पर अजीबोगरीब प्रयोग करने लगते हैं। कोई कहता है हल्दी लगा लो तो कोई नींबू या सिरका रगड़ने की सलाह देता है। रातों-रात दांत चमकाने के ये दावे असल में कितने सच हैं? हकीकत यह है कि ये इंटरनेट वाले तरीके आपको फायदे की जगह भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। आइए इसके पीछे का पूरा विज्ञान समझते हैं।

दांतों का रंग आखिर बदलता क्यों है?

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि हमारे दांत पीले क्यों पड़ते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह हमारा खानपान है। चाय कॉफी कोल्ड ड्रिंक और तंबाकू जैसी चीजों के रंग दांतों की ऊपरी सतह पर चिपक जाते हैं। अगर सही तरीके से मुंह की सफाई न की जाए तो ये दाग हमेशा के लिए पक्के हो जाते हैं। इसके अलावा बढ़ती उम्र भी एक बड़ा कारण है। दांतों की सबसे बाहरी मजबूत परत को इनेमल कहा जाता है। उम्र बढ़ने के साथ यह परत घिसने लगती है। इसके ठीक नीचे ‘डेंटिन’ नाम का हिस्सा होता है जो पैदाइशी तौर पर पीला होता है। जब इनेमल घिसता है तो यही पीला हिस्सा बाहर से दिखने लगता है।

बेकिंग सोडा का सच: फायदा कम नुकसान ज्यादा

बहुत से वीडियो में बेकिंग सोडा से दांत रगड़ने की बात कही जाती है। हालांकि कई कंपनियों के टूथपेस्ट में इसका इस्तेमाल होता है लेकिन यह सिर्फ बाहरी दाग-धब्बों को हल्का करने का काम करता है। अगर आप इसे सीधे और जोर-जोर से अपने दांतों पर रगड़ेंगे तो दांतों की बाहरी सुरक्षा परत पूरी तरह छिल जाएगी। इससे आपके दांतों में हमेशा के लिए झनझनाहट और सेंस्टिविटी की बीमारी शुरू हो सकती है। इसलिए इसे सफेद दांतों की जादू की छड़ी बिल्कुल न समझें।

नींबू और सिरका हैं दांतों के सबसे बड़े दुश्मन

लोग अक्सर दांतों का पीलापन दूर करने के लिए उन पर खट्टी चीजें जैसे नींबू या सिरका मलने लगते हैं। यह आपके दांतों के लिए सबसे खतरनाक तरीका है। इन खट्टी चीजों में बहुत ज्यादा एसिड होता है जो आपके इनेमल को धीरे-धीरे गला देता है। आपको बता दें कि एक बार इनेमल खत्म हो गया तो वह दोबारा कभी नहीं बनता। ऐसा करने से दांत सफेद होने के बजाय अंदर का पीला डेंटिन और ज्यादा दिखने लगेगा। यानी गोरापन तो नहीं मिलेगा बल्कि दांत हमेशा के लिए कमजोर जरूर हो जाएंगे।

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चमकते दांत पाने का सही और वैज्ञानिक रास्ता

दांतों की सफेदी वापस लाने के लिए विज्ञान और डॉक्टर्स पर भरोसा करना सबसे सुरक्षित विकल्प है। दांतों को सफेद करने वाले प्रमाणित उत्पादों में ‘पेरोक्साइड’ नाम का एक खास तत्व होता है। यह केमिकल सीधे उन बारीक कणों पर हमला करता है जो दांतों को पीला बनाते हैं। बाजार में मिलने वाली अच्छी क्वालिटी की व्हाइटनिंग स्ट्रिप्स या जैल भी असरदार होते हैं। लेकिन दांतों की सेहत के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि आप किसी डेंटिस्ट के पास जाएं और उनकी देखरेख में ही अपने दांतों का सही इलाज कराएं।

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