फ्लैट-दुकान के नाम पर करोड़ों की ठगी में महिला गिरफ्तार
बैंक खातों में निवेशकों की रकम पहुंचने के बाद नन्दग्राम पुलिस ने सारिका शर्मा को दबोचा

गाजियाबाद। फ्लैट और दुकान दिलाने के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में नन्दग्राम पुलिस ने एक और वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने राजनगर एक्सटेंशन निवासी सारिका शर्मा (44) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच में निवेशकों से जुटाई गई रकम सारिका के खातों में पहुंचने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई। मामले में अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।
पुलिस के अनुसार, M/s ASR Realtech Limited और M/s Right Earth Infra LLP की परियोजनाओं में फ्लैट और दुकान बुक कराने के नाम पर निवेशकों से रकम ली गई थी। आरोप है कि निवेशकों को आकर्षक कीमत, बेहतर प्रोजेक्ट और भविष्य में मुनाफे का भरोसा देकर बड़ी रकम जमा कराई गई। बाद में रकम और दस्तावेजों को लेकर शिकायतें सामने आने पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
बैंक खातों की जांच में सामने आई भूमिका
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़े बैंक खातों और लेनदेन की जांच की। इसी दौरान सारिका शर्मा के बैंक खातों में भी निवेशकों से प्राप्त धनराशि पहुंचने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने बैंक दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसकी भूमिका की जांच के बाद गिरफ्तारी की।
पूछताछ में अन्य लोगों के नाम सामने आए
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में सारिका ने संदीप कुमार गुप्ता, प्रवीण कुमार गुप्ता और दीपक शर्मा उर्फ नितिन शर्मा समेत अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर फ्लैट और दुकान दिलाने के नाम पर रकम जुटाने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल तथा अलग-अलग बैंक खातों के जरिए रकम के लेनदेन की जानकारी भी पूछताछ में सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, सारिका ने अपने और पति अवनीत शर्मा के बैंक खातों में भी धोखाधड़ी से जुड़ी रकम आने की बात बताई है। कुछ रकम नकद प्राप्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अब पुलिस बैंक खातों के लेनदेन, रकम के स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
10 आरोपी पहले ही भेजे जा चुके जेल
मामले में पुलिस अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, पूछताछ में सामने आए अन्य संदिग्धों और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस कथित ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों और रकम को अलग-अलग खातों में भेजने वालों की भूमिका खंगाल रही है।



