मानकों की अनदेखी कर चल रहे कोचिंग सेंटर
हादसा का कौन होगा जिम्मेदार

जसवंतनगर,इटावा। नगर क्षेत्र में मानकों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे कोचिंग सेंटर विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। नगर में दर्जनभर से अधिक कोचिंग संस्थान ऐसे स्थानों पर संचालित होने की बात सामने आई है, जहां सुरक्षा मानकों और विद्यार्थियों की सुविधा का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा है। कई सेंटर बेसमेंट,रिहायशी इलाकों और संकरी गलियों में चल रहे हैं।
छिमारा रोड,राजमार्ग की सर्विस रोड,कोठी कैस्त, रेलमंडी,लुधपुरा,बैंक रोड समेत नगर के कई मोहल्लों में कोचिंग संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रोजाना पढ़ने पहुंचते हैं। कुछ स्थानों पर आने-जाने के रास्ते काफी संकरे हैं। ऐसे में आग लगने, भूकंप आने या किसी अन्य आपात स्थिति में विद्यार्थियों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा व्यवस्था, निकास मार्ग और अन्य आवश्यक मानकों की स्थिति की जांच लंबे समय से नहीं की गई है। संकरी गलियों में स्थित सेंटरों के आसपास कक्षाएं लगने के दौरान भीड़ और वाहनों के कारण आवागमन प्रभावित होता है।
लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय संबंधित विभागों को पहले ही कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखनी चाहिए। भवन की स्थिति, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और क्षमता के अनुरूप विद्यार्थियों की संख्या की जांच कराई जानी चाहिए।
नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर क्षेत्र में संचालित सभी कोचिंग सेंटरों का अभियान चलाकर निरीक्षण कराया जाए। मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। सवाल यह है कि यदि किसी सेंटर में हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?



