चीन का बड़ा गुप्त कदम, पाकिस्तान से ईरान भेजे गए खतरनाक हथियार; ट्रंप बेबस देखते रह गए

China Iran rocket launcher supply: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टकराव का कोई अंत नज़र नहीं आ रहा है। इसी बीच, गंभीर आरोप सामने आए हैं कि चीन ने पाकिस्तान के ज़रिए ईरान को घातक हथियार सप्लाई किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस खबर पर साफ़ शब्दों में प्रतिक्रिया दी है और चीन को चेतावनी दी है।
ईरान और अमेरिका लगातार एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। हालाँकि, एक नई रिपोर्ट से ऐसी जानकारी सामने आई है जिसने अमेरिका को चौंका दिया है। रिपोर्ट से पता चलता है कि चीन पाकिस्तान के ज़रिए 400 रॉकेट लॉन्चर सप्लाई करके इस टकराव में ईरान की मदद कर रहा है। इस दावे से यह डर पैदा हो गया है कि मध्य पूर्व में टकराव और बढ़ सकता है।
ईरान को मिला 400 चीनी रॉकेट लॉन्चर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में उन खबरों पर बयान दिया कि ईरान को चीन से पाकिस्तान के ज़रिए 400 रॉकेट लॉन्चर मिले हैं। ट्रंप ने कहा कि ऐसी घटना हैरान करने वाली होगी साथ ही यह भी कहा कि “ऐसी चीज़ें होती रहती हैं।”
उन्होंने बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें पक्का भरोसा दिलाया था कि चीन इसमें शामिल नहीं होगा; उन्होंने कहा कि शी जानते हैं कि अगर वे ऐसा करते हैं तो ट्रंप निराश होंगे। ट्रंप ने ईरान पर बड़े हमले की धमकी भी दी और चेतावनी दी कि अमेरिका उन्हें बुरी तरह कुचल देगा और कड़ा सबक सिखाएगा।
चीन में लगभग कोई नियंत्रण नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ को लेकर भी चीन पर निशाना साधा। ट्रंप ने कहा कि AI के मामले में अमेरिका चीन से काफी आगे है।
उन्होंने कहा कि चीन में AI डेवलपमेंट पर लगभग कोई नियंत्रण नहीं है- वहाँ बिना किसी रुकावट के काम चलता रहता है। इसलिए, अमेरिका को दोनों मोर्चों पर सावधानी बरतनी होगी; वे ऐसे प्रतिबंध नहीं लगाना चाहते जिनसे अमेरिका अचानक चीन से पीछे हो जाए। जो भी AI की दौड़ जीतेगा, वही जीतेगा; यह एक अहम मुद्दा है। ट्रंप ने कहा कि वे उन्हें अच्छा काम करने से रोकना नहीं चाहते।
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इस बीच, जॉर्डन की सेना ने बताया कि ईरान से दागी गई पाँच मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया। अमेरिकी सेना ने भी पुष्टि की कि उसने पश्चिम एशिया में अपने ठिकानों पर दागी गई ईरानी मिसाइलों को नाकाम कर दिया। रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तीन तेल टैंकरों को रोका और उन पर हमला किया। दावा किया गया कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि इन जहाजों ने बार-बार दी गई चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया और असुरक्षित व गैर-कानूनी तरीके से चलते रहे। जहाजों के नाम या वे किन देशों के झंडे के साथ चल रहे थे, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।



