लौकी खाने से पहले कर लें ये 1 काम! वरना पहुंच सकते हैं ICU, जानें क्या है खतरा

bitter bottle gourd: लौकी को हल्की और आसानी से पचने वाली सब्जियों में गिना जाता है। घरों में इसकी सब्जी से लेकर जूस तक खूब इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन लौकी खरीदते या पकाते समय एक बात को नजरअंदाज करना गंभीर परेशानी की वजह बन सकता है। अगर लौकी का स्वाद सामान्य से अलग और कड़वा है तो उसे खाना नुकसानदायक हो सकता है।
न्यूट्रीशनिस्ट लीमा महाजन ने एक वीडियो के जरिए लोगों को कड़वी लौकी से होने वाले संभावित नुकसान के बारे में सावधान किया है। उनके मुताबिक कुछ मामलों में कड़वी लौकी या उसका जूस पीने के बाद लोगों की हालत इतनी बिगड़ सकती है कि अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ सकती है। बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना की पत्नी ताहिरा कश्यप से जुड़ा मामला भी इस संदर्भ में सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें लौकी के कारण दो दिन तक ICU में रहना पड़ा था।
लौकी खरीदने के बाद सबसे पहले क्या करें?
लौकी घर लाने के बाद सीधे काटकर सब्जी या जूस बनाने के बजाय उसके स्वाद की जांच करना जरूरी बताया जाता है। खासकर तब जब लौकी में हल्का भी कड़वापन महसूस हो।
एक छोटे टुकड़े को चखकर देखा जा सकता है। यदि उसका स्वाद जरा भी कड़वा लगे तो उसे खाने या उसका जूस बनाने से बचना चाहिए। सामान्य लौकी का स्वाद हल्का और फीका होता है। कड़वापन महसूस होने पर उसे इस्तेमाल न करना ही सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
मूल जानकारी के अनुसार ICMR की ओर से भी लौकी खाने से पहले उसके स्वाद की जांच करने की सलाह दी गई है।
आखिर कड़वी लौकी में ऐसा क्या होता है?
लौकी कद्दू वर्ग यानी Cucurbitaceae परिवार की सब्जी है। इस परिवार की कुछ सब्जियों में प्राकृतिक रूप से कुकुर्बिटासिन (Cucurbitacin) नाम के कड़वे यौगिक बन सकते हैं।
इनका स्तर अधिक होने पर सब्जी का स्वाद असामान्य रूप से कड़वा हो सकता है। ऐसे में उस लौकी को खाना या उसका जूस पीना नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए सिर्फ यह सोचकर कड़वी लौकी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए कि पकाने के बाद उसका स्वाद ठीक हो जाएगा।
कड़वी लौकी खाने से क्या परेशानी हो सकती है?
कड़वी लौकी खाने के बाद कुछ लोगों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ सकती हैं। इनमें पेट में तेज दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं शामिल हैं। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी हो सकती है और ब्लड प्रेशर तेजी से गिर सकता है।
गंभीर स्थिति में पाचन तंत्र में ब्लीडिंग होने की बात भी सामने आई है। कुछ मामलों में खून की उल्टी और लिवर एंजाइम्स बढ़ने जैसी समस्याएं भी रिपोर्ट की गई हैं। हालत ज्यादा बिगड़ने पर मरीज को ICU में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है।
पकाने से खतरा खत्म नहीं होता
कड़वी लौकी के मामले में एक और गलती से बचना जरूरी है। इसे अच्छी तरह पकाने के बाद खाने से भी समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। ऐसा जरूरी नहीं है।
मूल जानकारी के मुताबिक कड़वाहट पैदा करने वाले ये टॉक्सिक कंपाउंड पकाने के बाद भी बने रह सकते हैं। इसलिए अगर लौकी कच्ची अवस्था में ही कड़वी लग रही है तो उसे पकाकर खाने का जोखिम नहीं लेना चाहिए।
सिर्फ लौकी ही नहीं, इन सब्जियों में भी रखें ध्यान
कड़वे स्वाद को लेकर सावधानी केवल लौकी तक सीमित नहीं है। कद्दू वर्ग की कुछ अन्य सब्जियों में भी ऐसे कड़वे कंपाउंड पाए जा सकते हैं।
खीरा, तुरई, जुकीनी और स्क्वैश जैसी सब्जियों के मामले में भी असामान्य कड़वाहट महसूस होने पर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। सामान्य स्वाद से अलग कड़वापन महसूस हो तो ऐसी सब्जी का सेवन नहीं करना बेहतर है।
छोटी सी सावधानी से टल सकता है बड़ा जोखिम
लौकी को रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बनाने में कोई समस्या नहीं मानी जाती। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर लौकी हर स्थिति में सुरक्षित होगी। खासकर जूस बनाने के दौरान बड़ी मात्रा में सेवन करने से पहले उसके स्वाद पर ध्यान देना जरूरी है।
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इसलिए अगली बार लौकी काटते समय उसे सीधे कुकर में डालने की जल्दबाजी न करें। पहले स्वाद की जांच करें। कड़वाहट मिले तो उसे इस्तेमाल न करें। रसोई में यह कुछ सेकंड की सावधानी है और शरीर को अनावश्यक जोखिम से बचाने का सरल तरीका हो सकता है।



