कपड़ा, दवाएं और मसाले; अब बिना एक भी रुपया टैक्स दिए विदेश भेजेगा भारत! जानें इससे आपको क्या फायदा

India-UK FTA 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस समझौते का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि भारत-यूके व्यापार समझौता 15 जुलाई, 2026 से लागू हो रहा है। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को काफी बढ़ावा देगा। इससे भारतीय किसानों, मज़दूरों, MSME, स्टार्टअप और उद्यमियों के लिए नए मौके बनेंगे। साथ ही, यह समझौता ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा।”
भारतीय निर्यात का 99% हिस्सा यूके में बिना किसी शुल्क (ड्यूटी-फ्री) के भेजा जा सकेगा
भारत और यूके के बीच 24 जुलाई, 2025 को एक व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) हुआ। इस समझौते के तहत, भारत से निर्यात होने वाले 99% सामान को यूके में बिना किसी शुल्क के भेजने की सुविधा मिलेगी।
इसमें ये मुख्य उत्पाद शामिल हैं:
- चावल
- चाय
- मसाले
- झींगा (श्रिम्प)
- मशीनरी
- ऑटोमोबाइल के पुर्ज़े
- इंजीनियरिंग टूल्स
- कपड़ा उत्पाद
- जूते-चप्पल
- रत्न और आभूषण
- खेल का सामान
- खिलौने
- दवाएं (फार्मास्यूटिकल्स)
- इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहन
यह समझौता भारतीय उत्पादों को ब्रिटिश बाज़ार में ज़्यादा प्रतिस्पर्धी पहुँच दिलाएगा।
भारतीय निर्यात पर लगने वाले बड़े शुल्क पूरी तरह हटाए जाएंगे
समझौता लागू होने के बाद, यूके में कई भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। इसमें शामिल हैं-
- प्रोसेस्ड फूड उत्पादों पर 70% तक का शुल्क
- समुद्री उत्पादों पर 21.5% शुल्क
- इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स पर 18% शुल्क
- चमड़े के सामान और जूते-चप्पल पर 16% शुल्क
- कपड़ा उत्पादों पर 12% शुल्क
इससे भारतीय निर्माताओं, किसानों, मछुआरों और छोटे उद्यमियों को सीधा फ़ायदा होगा और वे यूके में अपने उत्पादों के लिए बेहतर दाम पा सकेंगे। हालाँकि, भारत ने डेयरी उत्पादों, अनाज और सेब जैसे संवेदनशील कृषि क्षेत्रों के लिए सुरक्षा बनाए रखी है।
भारत में ब्रिटिश उत्पाद सस्ते होंगे
इस समझौते के तहत, भारत में आयात होने वाले कई ब्रिटिश उत्पादों पर शुल्क कम किया जाएगा, जिससे उनकी कीमतें कम होने की संभावना है। इन प्रोडक्ट्स में शामिल हैं:
- चॉकलेट
- बिस्कुट
- कॉस्मेटिक्स
- स्कॉच
- व्हिस्की
- लग्ज़री कारें
- सैल्मन मछली
- लैंब (भेड़ का मांस)
- सॉफ्ट ड्रिंक्स
- मेडिकल इक्विपमेंट
- एयरोस्पेस कंपोनेंट्स
- फ़र्नीचर
- इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स
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2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
भारत और यूके ने 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करके 56 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। उम्मीद है कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, रोज़गार और व्यापारिक संबंध मज़बूत होंगे।



