बड़ा दावा! लोकसभा में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी में फूट पड़ने वाली है; बंगाल-महाराष्ट्र के बाद अब किसकी बारी

पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद, अब उत्तर प्रदेश में भी बड़ी राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के एक दावे ने खलबली मचा दी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को जल्द ही बड़ा झटका लगने वाला है; महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल को छोड़ दें तो पूरी समाजवादी पार्टी के बीजेपी में शामिल होने की तैयारी चल रही है।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और राजभर के बयान ने राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर शुरू कर दिया है। सत्ताधारी और विपक्षी दल अपनी-अपनी राजनीतिक चालें चल रहे हैं, ऐसे में राजभर का दावा चर्चा का विषय बन गया है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील साजन ने राजभर के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बीजेपी और उसके सहयोगी डरे हुए हैं।

उन्होंने दावा किया कि राजभर अपनी राजनीतिक दुकान चलाने के लिए ही ऐसे बयान देते हैं। साजन ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने 2024 के चुनावों में बीजेपी की ताकत को “आधा” कर दिया था और 2027 में उन्हें यूपी से “साफ” कर देगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में राजभर की पार्टी का एक भी विधायक नहीं चुना जाएगा।

समाजवादी पार्टी पर निशाना

ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता बेचैन हो रहे हैं क्योंकि विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों का शिकंजा उन पर कसता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता कोयला घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट से जुड़े मामलों के बारे में जानती है। यह संकेत देते हुए कि जांच आगे बढ़ने पर कुछ नेताओं की मुश्किलें बढ़ेंगी, उन्होंने विशेष रूप से वरिष्ठ सपा नेता रामगोपाल यादव का जिक्र किया और बताया कि यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था। यह पहली बार नहीं है जब राजभर ने अखिलेश यादव पर हमला किया है; दोनों नेताओं के बीच कुछ समय से जुबानी जंग चल रही है। हाल ही में, ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए एक लंबी पोस्ट लिखी और विशेष रूप से उनके विदेश दौरे की आलोचना की।

समाजवादी पार्टी के कितने सांसद हैं?

2024 के लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के 37 सांसद चुने गए थे। उत्तर प्रदेश की 80 में से 37 सीटें जीतकर समाजवादी पार्टी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। साथ ही, यह लोकसभा में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। समाजवादी पार्टी ने ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के हिस्से के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ा था।

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इस बीच, पश्चिम बंगाल की घटनाओं के बाद महाराष्ट्र में एक बड़ी राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। ‘उद्धव सेना’ के नौ में से छह सांसदों ने एक अलग गुट बना लिया है। उन्होंने लोकसभा स्पीकर से मिलकर ज़रूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और स्पीकर ने इस गुट को मान्यता भी दे दी है। इस गुट में संजय जाधव (परभणी), नागेश पाटिल अष्टिकर (हिंगोली), संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व) और ओमराजे निंबालकर (धाराशिव) शामिल हैं। ऐसी अटकलें हैं कि ये सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में उसके स्थापना दिवस समारोह के दौरान शामिल हो सकते हैं।

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