भरथना में फर्जी नियुक्तियों का महाघोटाला होगा उजागर
भरथना नगर पालिका में करोड़ों का भ्रष्टाचार के लगे गम्भीर आरोप

भरथना,इटावा। भरथना नगर पालिका में फर्जी नियुक्तियों और करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रिटायर्ड लेखाकार अवधेश तिवारी के खुलासे के बाद शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच टीम गठित कर दी है।
तीन नियुक्तियां जांच के घेरे में
जांच टीम के अनुसार जांच का फोकस फिलहाल आदित्य प्रताप सिंह उर्फ रामजी भदौरिया,आनंद श्रीवास्तव और शिवम गुप्ता की नियुक्तियों पर है। आरोप है कि इनकी नियुक्तियां नियमों को ताक पर रखकर फर्जीवाड़े से की गई हैं। रिटायर्ड लेखाकार अवधेश तिवारी का दावा है कि निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े चेहरे भी बेनकाब होंगे।
स्वच्छ भारत मिशन से डीजल घोटाला
आरोप सिर्फ फर्जी नियुक्तियों तक सीमित नहीं हैं। स्वच्छ भारत मिशन के बजट में हेराफेरी और डीजल घोटाले के भी गंभीर आरोप हैं। ऑडिट रिपोर्ट में डीजल की गड़बड़ी का जिक्र मिला है। आरोप है कि गाड़ियों में डीजल डाले बिना ही बिल पास कर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया।
एक करोड़ से अधिक की संपत्ति पर सवाल
जांच में सामने आया कि कम समय में ही एक करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्ति,आलीशान मकान और महंगी गाड़ियां खरीदी गईं। इन संपत्तियों के स्रोत को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गायब अहम फाइलें, बढ़ा सस्पेंस
शासन स्तर पर जांच तेज होते ही नगर पालिका की महत्वपूर्ण फाइलें और सरकारी रजिस्टर रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। अधिकारियों द्वारा कई नोटिस भेजे जाने के बावजूद अब तक रिकॉर्ड पेश नहीं किए गए हैं। इससे जांच एजेंसियों का शक और गहरा गया है।
वर्ष 2018 से लंबित थीं शिकायतें
भरथना नगर पालिका में अनियमितताओं की शिकायतें वर्ष 2018 से लंबित थीं। अब फाइल दोबारा खुलने पर जांच ने रफ्तार पकड़ी है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह सिर्फ तीन लोगों की फर्जी नौकरी का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है।
सिटी मजिस्ट्रेट की टीम सबूतों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। शासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।



