परोपकार के कार्य एक यज्ञ के समान: आचार्य अग्निहोत्री

भरथना,इटावा। यज्ञ कई प्रकार के होते हैं। समाज में परोपकार के लिए किये गये समस्त कार्य यज्ञ की ही श्रेणी में आते हैं। सफाई कर्मी भी यदि सफाई कार्य से जो सेवा करता है,वह भी यज्ञ कर रहा है।
उक्त बात आर्य समाज मन्दिर के 103वें भव्य वार्षिकोत्सव अवसर के शुभारम्भ के दौरान भजनोपदेश के माध्यम से वैदिक प्रवक्ता आचार्य हरीशंकर अग्निहोत्री ने कही।
कस्बा के मुहल्ला गली गोदाम के महर्षि दयानन्द मार्ग पर स्थित आर्य समाज मन्दिर पर आयोजित 5 दिवसीय विश्व कल्याण महायज्ञ एवं वेदकथा की अमृत वर्षा के अवसर पर वैदिक प्रवक्ता अग्निहोत्री ने कहा कि यज्ञ में पडने वाली पूर्णाहुति से देव शक्तियां तो प्रसन्न होती ही है,बल्कि उसने उत्पन्न होने वाली सुगन्ध से वातावरण भी सुदृंढ होता है और हमारा मन मस्तिष्क भी सकारात्मकता की ओर अग्रसर होता है।
इससे पहले आर्य समाज के लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन में आहुति डालकर इष्टदेवों से सर्वकल्याण की कामना की। इस मौके पर प्रधान अनिल आर्य,मंत्री मोहन आर्य,कोषाध्यक्ष सतेन्द्र आर्य संजू,राजेश आर्य, राजकमल गुप्ता,अजय शर्मा,सत्यभान गुप्ता, रामलखन यादव सहित समस्त आर्य बन्धुओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।



