इस सरकारी स्कीम में डालें 1 लाख, वापस मिलेंगे पूरे 2 लाख
KVP Yojana: इन दिनों जब शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है और बहुत से लोग अपने निवेश को लेकर उलझन में हैं, हर निवेशक एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प की तलाश में है। अगर आप भी अपनी मेहनत की कमाई को एक निश्चित समय में दोगुना करना चाहते हैं और उसे पूरी तरह सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की किसान विकास पत्र (KVP) स्कीम आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली यह स्कीम निवेश पर 100 प्रतिशत सरकारी गारंटी देती है।
सुरक्षित निवेश विकल्प
Kisan Vikas Patra एक निश्चित आय बचत योजना है, जो पोस्ट ऑफिस के जरिए चलाई जाती है। इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेश की गई रकम एक निश्चित समय के बाद अपने आप दोगुनी हो जाती है। इसलिए यह स्कीम उन लोगों के बीच खास तौर पर लोकप्रिय है जो जोखिम से दूर रहते हुए गारंटीड रिटर्न चाहते हैं। IT स्टॉक्स सुसैट
7.5% सालाना ब्याज और रिटर्न
अभी, किसान विकास पत्र पर 7.5 परसेंट सालाना कंपाउंड ब्याज मिल रहा है। इस ब्याज दर पर निवेश की गई रकम 115 महीने यानी लगभग 9 साल और 7 महीने में दोगुनी हो जाती है। उदाहरण के लिए, अगर कोई निवेशक किसान विकास पत्र में 1 लाख रुपये निवेश करता है, तो उसे मैच्योरिटी के बाद 2 लाख रुपये मिलेंगे। खास बात यह है कि छोटे निवेशक भी इस स्कीम में आसानी से निवेश शुरू कर सकते हैं।
किसान विकास पत्र में कम से कम 1,000 रुपये का निवेश किया जा सकता है, जबकि अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। निवेशक अपनी इच्छानुसार सिंगल अकाउंट या जॉइंट अकाउंट के ज़रिए निवेश कर सकते हैं। माता-पिता अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर KVP अकाउंट भी खोल सकते हैं, जिससे उन्हें भविष्य की ज़रूरतों के लिए एक सुरक्षित फंड बनाने में मदद मिलती है।
स्कीम के दूसरे फायदे और शर्तें
इस स्कीम के कई और फायदे हैं। चूंकि KVP पर 100 परसेंट सरकारी गारंटी है, इसलिए निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहता है। ज़रूरत पड़ने पर KVP सर्टिफिकेट के आधार पर बैंक से लोन भी लिया जा सकता है। इसके अलावा, इस अकाउंट को एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर करने और नॉमिनी रजिस्टर करने की सुविधा भी मिलती है।
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टैक्सेशन और विड्रॉल की सुविधा
हालांकि किसान विकास पत्र एक लॉन्ग-टर्म स्कीम है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ इसे ढाई साल पूरे होने के बाद थोड़ा या पूरा निकाला जा सकता है। इन्वेस्टर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि KVP पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल है, यानी इस पर इनकम टैक्स के नियम लागू होते हैं।



