मैं होता तो टीम से बाहर कर देता, वैभव सूर्यवंशी की हरकत पर उठी सजा की मांग

Vaibhav Sooryavanshi Row SL: दांबुला में चल रही वनडे ट्राई सीरीज के बीच भारत ए टीम के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी से जुड़ा विवाद अब सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहा। यह मामला खेल भावना और अनुशासन को लेकर बड़ी चर्चा का विषय बन गया है।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने इस घटना पर बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ी को सख्त संदेश देना जरूरी था। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर वह टीम प्रबंधन में होते तो सूर्यवंशी को अफगानिस्तान ए के खिलाफ मैच से बाहर कर देते।

मैदान पर हुई झड़प ने बढ़ाया विवाद

यह पूरा मामला पिछले मुकाबले से जुड़ा है जब भारत ए और श्रीलंका ए के बीच भिड़ंत हुई थी। उस मैच में वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका के खिलाड़ी विशेन हालमबागे के बीच तीखी नोकझोंक हो गई थी।

बताया गया कि सुपर ओवर में जीत के बाद हालमबागे ने भारतीय खिलाड़ियों को उकसाने वाली टिप्पणी की। इसके बाद माहौल गर्म हो गया और बात धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।

हालमबागे ने कथित तौर पर सूर्यवंशी से कहा था कि “मैच खत्म हो गया, अब घर जाओ।” इस टिप्पणी के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

संजय मांजरेकर का कड़ा रुख

संजय मांजरेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी राय साझा करते हुए साफ कहा कि मैदान पर किसी भी तरह का शारीरिक टकराव स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने लिखा कि चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, खिलाड़ियों को नियंत्रण में रहना चाहिए। उनका मानना है कि अनुशासन सिखाने के लिए कड़े फैसले जरूरी हैं।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

मांजरेकर की टिप्पणी के बाद क्रिकेट फैंस के बीच अलग-अलग राय देखने को मिली। कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया और अनुशासन को प्राथमिकता देने की बात कही।

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वहीं कई यूजर्स ने इसे जरूरत से ज्यादा सख्ती बताया। उनका कहना था कि वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं और उन्हें अनुभव के साथ सीखने का मौका मिलना चाहिए।

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