सावन के अंतिम सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, दूधेश्वरनाथ मंदिर में भक्तों ने किया जलाभिषेक

गाजियाबाद। सावन के चौथे एवं अंतिम सोमवार को सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार मध्यरात्रि से ही भगवान दूधेश्वर के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। सोमवार सुबह तक मंदिर परिसर शिवभक्तों से खचाखच भर गया। देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान दूधेश्वर महादेव के दर्शन कर विधि-विधान से जलाभिषेक किया।
मंदिर परिसर दिनभर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजता रहा। सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर मंदिर पीठाधीश्वर एवं श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के सानिध्य में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। मध्यरात्रि 12 बजे जलाभिषेक की शुरुआत हुई। सबसे पहले श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने भगवान दूधेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक कर देश, समाज और विश्व के कल्याण की प्रार्थना की। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन एवं जलाभिषेक शुरू कराया गया।
मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए लगातार 24 घंटे खुले रहे। सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे प्राचीन देवी मंदिर, द्वारकापुरी दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने भगवान दूधेश्वर महादेव की धूप-दीप आरती की। आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि सावन का अंतिम सोमवार भगवान शिव की आराधना, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए विशेष महत्व रखता है। श्रद्धा और सच्चे भाव से भगवान दूधेश्वर महादेव की आराधना करने वाले भक्तों पर महादेव की कृपा बनी रहती है।
भारी भीड़ को देखते हुए किए गए विशेष सुरक्षा इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गईं। भक्तों को कतारबद्ध तरीके से दर्शन और जलाभिषेक कराया गया। सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया।
मंदिर के मीडिया प्रभारी एस.आर. सुथार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की गई। सावन के अंतिम सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान दूधेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया।
अंत में श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सभी शिवभक्तों को सावन के अंतिम सोमवार की शुभकामनाएं देते हुए भगवान दूधेश्वर महादेव से देश और विश्व में सुख, शांति, समृद्धि, आरोग्यता एवं सद्भाव बनाए रखने की प्रार्थना की।



