जानें सरकार 1 लीटर पेट्रोल पर कितना लगाती है टैक्स

tax on petrol diesel: पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और उनका आम आदमी पर असर। जानिए पेट्रोल और डीज़ल पर लगने वाले टैक्स और क्यों बढ़ रहे हैं दाम।

tax on petrol diesel: पेट्रोल की कीमतें अब न सिर्फ आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि ये भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी भारी पड़ रही हैं। बढ़ती कीमतों ने आम जीवन को मुश्किल बना दिया है और ये सवाल उठता है कि इसके पीछे असल कारण क्या हैं।

100 रुपये के पार, पेट्रोल की नई कीमतें

हाल के महीनों में कई प्रदेशों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर गई है, जो आम जनता के लिए चिंता का विषय बन चुकी है। ये इजाफा न केवल वाहन चलाने वालों बल्कि रोजमर्रा की ज़रूरतों के सामानों के दामों को भी प्रभावित कर रही है।

पेट्रोल और डीज़ल पर टैक्स की भारी दरें भी इस बढ़ोतरी का कारण बन रही हैं। इन फ्यूल्स पर केन्द्र और राज्य सरकारें विभिन्न प्रकार के टैक्स लगाती हैं, जो इनकी कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण बनते हैं।

फ्यूल की वास्तविक कीमत क्या है?

अगर हम पेट्रोल की कीमतों पर गैर करें, तो डीलर द्वारा भुगतान की जाने वाली मूल कीमत 55.66 रुपये प्रति लीटर है। मगर, जब केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लगाये गए अलग अलग टैक्स और चार्ज को जोड़ दिया जाता है, तो ये राशि 94.72 रुपये तक पहुंच जाती है। इस वृद्धि से उपभोक्ता की जेब पर अतिरिक्त दबाव आता है।

सरकार कितना लगाती है टैक्स

इस बढ़ी हुई कीमतों के पीछे केंद्र सरकार लगभग 19.90 रुपये प्रति लीटर (Government charge on 1 liter petrol) एक्साइज ड्यूटी लेती है, वहीं राज्य सरकारें 14 से 16 रुपये तक VAT लगाती हैं। कुल मिलाकर ये टैक्स का भारी बोझ उपभोक्ता को झेलना पड़ता है।

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ये सवाल सबसे अहम है। जब पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें इतनी बढ़ रही हैं, तो क्या सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कोई कदम उठाएगी? क्या आने वाले वक्त में इन कीमतों में कोई कमी आएगी या ये स्थिति बनी रहेगी?

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