साधन खत्म हुए… लेकिन सेवा नहीं रुकी एलपीजी खत्म होने पर भी ‘नारायण अन्न सेवा’ ने जारी रखी भोजन व्यवस्था

पिछले 10 दिनों से लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा है जरूरतमंदों का भोजन

गाज़ियाबाद। मानवता की सच्ची पहचान कठिन परिस्थितियों में ही सामने आती है। ऐसी ही प्रेरणादायक मिसाल क्राउड फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित “नारायण अन्न सेवा” ने पेश की है।

सेवा के दौरान अचानक रसोई गैस (एलपीजी) समाप्त हो गई, जिससे कुछ समय के लिए भोजन सेवा रुकने की स्थिति बन गई। लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं हारी और तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए लकड़ी के चूल्हे पर भोजन तैयार किया। इसके बाद यह भोजन जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाया गया, जिनके लिए यह केवल भोजन नहीं बल्कि उम्मीद और सहारा साबित हुआ।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य है – कोई भी भूखा न सोए।

संस्था के ट्रस्टी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि सेवा किसी साधन पर निर्भर नहीं होती। जब गैस खत्म हुई तो टीम ने एक ही बात सोची – क्या भूख रुक सकती है? और जवाब था – नहीं। इसलिए लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाकर सेवा को लगातार जारी रखा गया। पिछले 10 दिनों से भोजन लकड़ी के चूल्हे पर तैयार किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंदों तक भोजन बिना रुके पहुँचता रहे।

संस्था का प्रयास है कि हर जरूरतमंद तक भोजन पहुंचे, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों। संस्था ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे इस सेवा में अपना सहयोग दें, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुँचाया जा सके।

केवल 11 रुपये में एक समय का भोजन उपलब्ध कराने की इस सेवा को समाज का लगातार सहयोग मिल रहा है।

क्राउड फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट एक सामाजिक संस्था है, जो नारायण अन्न सेवा के माध्यम से भोजन सेवा, सामाजिक सहायता, ग्रामीण विकास एवं शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है।

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