इनकम टैक्स नियमों में होंगे बड़े बदलाव; होटल बिल, गाड़ी-प्रॉपर्टी के लेन-देन के लिए ‘PAN’ लिमिट बढ़ी

आम टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव दिया है। 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाले नए नियमों के मुताबिक, बैंकों में कैश ट्रांज़ैक्शन, घर और कार खरीदने और होटल बिल के लिए PAN कार्ड ज़रूरी करने की लिमिट काफी बढ़ा दी गई है। खास बात यह है कि पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों को अब हाउस रेंट अलाउंस (HRA) डिस्काउंट के लिए ‘मेट्रो सिटीज़’ में शामिल किया गया है।

ड्राफ्ट के मुताबिक, एक फाइनेंशियल ईयर में किसी व्यक्ति के एक या ज़्यादा अकाउंट से 10 लाख रुपये से ज़्यादा कैश जमा करने या निकालने पर ‘PAN’ ज़रूरी होगा। अभी, एक दिन में 50,000 रुपये से ज़्यादा कैश जमा करने पर ‘PAN’ ज़रूरी है।

अगर मोटरसाइकिल समेत कोई भी मोटर गाड़ी 5 लाख रुपये से ज़्यादा की है, तो खरीदने वाले के लिए ‘PAN’ देना ज़रूरी होगा। मौजूदा नियमों में दोपहिया गाड़ियों की खरीद के लिए ‘PAN’ की ज़रूरत नहीं थी, जबकि मोटर गाड़ियों के लिए ‘PAN’ ज़रूरी था, चाहे उनकी कीमत कुछ भी हो।

होटल/रेस्टोरेंट बिल, कन्वेंशन सेंटर-बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजमेंट सर्विस के लिए 1 लाख रुपये से ज़्यादा के पेमेंट के लिए ‘PAN’ ज़रूरी रहेगा। अभी लिमिट 50,000 रुपये है। इनकम टैक्स एक्ट-2025, 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा और छह दशक से ज़्यादा पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा।

सैलरी के अलावा एक्स्ट्रा सुविधाएं

मार्केट के हालात को ध्यान में रखते हुए, टैक्स-फ्री ‘परक्विजिट्स’ की लिमिट बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। एम्प्लॉयर की तरफ से दिए जाने वाले फ्री खाने-पीने की चीज़ों की कीमत 200 रुपये प्रति मील तय की गई है। ऑफिशियल गाड़ियों के लिए, 1.6 लीटर से कम इंजन कैपेसिटी वाली कारों के लिए 8,000 रुपये प्रति महीना, जबकि इससे ज़्यादा इंजन कैपेसिटी वाली कारों के लिए 10,000 रुपये प्रति महीना (ड्राइवर अलाउंस मिलाकर) देने का प्रस्ताव है।

क्रिप्टो एक्सचेंज पर जानकारी की ज़िम्मेदारी

क्रिप्टो-एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स पर डिटेल्ड रिपोर्टिंग और ‘ड्यू डिलिजेंस’ की ज़िम्मेदारी डालने का प्रस्ताव है, और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को ट्रांज़ैक्शन की जानकारी देना ज़रूरी होगा। साथ ही, सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को एक वैलिड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मीडियम के तौर पर शामिल किया गया है।

टैक्स की टेंशन खत्म, नियम आसान होंगे

नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत तैयार किए गए नियम और फॉर्म बहुत आसान भाषा में तैयार किए गए हैं और मार्च के पहले हफ़्ते में नोटिफाई कर दिए जाएंगे। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सूत्रों के मुताबिक, इन बदलावों का मकसद टैक्सपेयर्स के लिए प्रोसेस को आसान बनाना, नियमों का बोझ कम करना और पूरे सिस्टम को टैक्सपेयर्स के लिए ज़्यादा बेहतर बनाना है।

प्रॉपर्टी ट्रांज़ैक्शन के लिए लिमिट दोगुनी की गई

कोई भी इमूवेबल प्रॉपर्टी ट्रांज़ैक्शन, जैसे खरीद-बिक्री, गिफ्ट या जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट, जिसकी वैल्यू 20 लाख रुपये से ज़्यादा है, उसके लिए PAN ज़रूरी होगा। अभी यह लिमिट 10 लाख रुपये है।

HRA में छूट के लिए शहरों की लिस्ट बढ़ाई गई

बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद को हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में छूट के लिए ‘कैटेगरी-1’ मेट्रोपॉलिटन शहरों की लिस्ट में शामिल करने का प्रस्ताव है। पहले, इस लिस्ट में सिर्फ़ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई शहर थे।

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इंश्योरेंस अकाउंट खोलते समय भी PAN नंबर ज़रूरी

इंश्योरेंस कंपनी के साथ अकाउंट-बेस्ड रिलेशनशिप खोलते समय भी PAN ज़रूरी करने का प्रस्ताव है। अभी तक, अगर एक फाइनेंशियल ईयर में लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम 50,000 रुपये से ज़्यादा है, तो PAN ज़रूरी होता था।

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